छठे चरण के आधे प्रत्याशियों ने नहीं ली कालेज क्लास

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नई दिल्ली। देश में चल रहे लोकसभा चुनाव 2019 के छठें चरण के तहत 12 मई रविवार को मतदान किया जाएगा। इस चरण में कुल 979 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल करते हुए स्वप्रमाणित एफिडेविट दाखिल किए हैं। इसमें उनकी शिक्षा का ब्यौरा मौजूद है। छठवें चरण में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में से तकरीबन आधे कक्षा 12वीं अथवा उससे कम पढ़े लिखे हैं।


छठवें चरण के तहत बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के संसदीय क्षेत्रों के लिए 12 मई को मतदान होगा। चुनाव का आखिरी सातवां चरण 19 मई को संपन्न होगा और मतगणना 23 मई को होगी। डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एसोसिएशन के मुताबिक छठे चरण में चुनाव मैदान में डटे प्रत्याशियों में से 395 यानी 41 फीसदी प्रत्याशी हलफनामा दायर कह चुके हैं कि उनकी शिक्षा 5वीं से 12वीं कक्षा तक की है। वहीं 509 यानी 53 फीसदी प्रत्याशी ग्रेजुएट या उससे अधिक शिक्षित हैं। इनके अलावा 35 प्रत्याशियों ने अपने शैक्षणिक ब्यौरे में केवल ‘साक्षर’ लिखा है। 24 प्रत्याशियों ने 5वीं, 84 प्रत्याशियों ने 8वीं, 120 प्रत्याशियों ने मैट्रिक पास होने का दावा किया है। तो 167 प्रत्याशियों ने 12वीं तक पढ़े होने का हलफनामा दिया है। इस चरण में 184 उम्मीदवारों ने ग्रेजुएट होने और 127 ने ग्रेजुएट प्रोफेशनल होने की बात कही है। साथ ही 176 प्रत्याशी पोस्ट ग्रेजुएट हैं और 22 ने डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की हुई है। 25 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने शैक्षणिक ब्यौरे में अन्य विकल्प को चुना है तो दो उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने शिक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।