बीमा कंपनी को दोबारा सुनवाई के बाद भी नहीं मिली राहत, देना होगा क्लेम

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मथुरा। बीमा होने के बाद भी गाड़ी के चोरी होने पर क्लेम की धनराशि न देने के मामले में बीमा कंपनी को राज्य उपभोक्ता परिषद् के निर्देश पर जिला उपभोक्ता फोरम में हुई दोबारा सुनवाई में भी राहत नहीं मिली है। बीमा कंपनी को चोरी हुई गाड़ी की क्लेम की धनराशि देनी ही होगी। साथ ही वाद व्यय भी देना होगा।


गोवर्धन रोड स्थित रामकृष्णा कालोनी निवासी बाबूलाल पुत्र चित्तर सिंह ने वर्ष 2012 में सेकंड हैंड मैक्स पिकअप महेंद्रा गाड़ी खरीदी थी। एआरटीओ ऑफिस में गाड़ी नामांतरित हो गई लेकिन बीमा पालिसी अंतरण होने से पूर्व ही गाड़ी चोरी हो गई। हालांकि अंतरण के लिए आवेदन दे दिया गया था। वर्ष 2017 में जिला उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित गाड़ी स्वामी के पक्ष में निर्णय दिया था लेकिन नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड डैंपियर नगर ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पुनः सुनवाई की अपील की थी। अपील पर निर्णय देते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिला उपभोक्ता फोरम को फिर से सुनवाई करने के निर्देश देते हुए बीमा कंपनी का पक्ष सुनने का अवसर देने के लिए कहा था। जिला उपभोक्ता फोरम ने एक बार फिर से दोनों पक्षों को सुना। बीमा कंपनी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया लेकिन बीमा कंपनी असफल रही। जिला उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पीड़ित गाड़ी स्वामी के पक्ष में ही निर्णय दिया। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को चोरी हुई गाड़ी की कीमत 2 लाख 20 हजार रुपए 6 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से वाद दायर करने की तिथि से अदायगी की तिथि तक फोरम के आदेश के 45 दिन के अंदर भुगतान करने और वाद व्यय के रुप में 3 हजार रुपए अदा करने के भी आदेश दिए हैं।