इंश्योरेंस कंपनी को देनी होगी क्षतिपूर्ति, फोरम का आदेश

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मथुरा। धान एवं आटा मिल में आग लगने के बाद भी बीमा कंपनी द्वारा नुकसान की क्षतिपूर्ति नहीं की गई। इसके विरोध में मिल के संचालकों ने उपभोक्ता फोरम से न्याय की गुहार लगाई। उपभोक्ता फोरम ने फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति राशि मय ब्याज के देने के आदेश जारी किए हैं। इससे पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है।
श्रीकृष्णा एग्रो प्रोडक्ट्स लोहवन धान एवं आटा मिल में वर्ष 2004 में आग लग गई थी। मिल का 40 लाख रुपए का बीमा उस समय प्रभावी था और वह वर्ष 2005 में समाप्त होना था। मिल में आग लगने पर फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया था।

अग्निशमन अधिकारी ने उस समय मिल में लगभग 3 लाख 28 हजार रुपए के नुकसान का आंकलन किया था। इसके बाद बीमा कंपनी ने भी अपने सर्वेयर नियुक्त किए लेकिन पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति रकम नहीं दी। बीमा कंपनी का आरोप था कि मिल काफी समय से बंद थी और संचालकों द्वारा बीमा की राशि हड़पने के लिए आग लगने का नाटक किया था। इस पर पीड़ित पक्ष ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। फोरम ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। यहां बीमा कंपनी अपने कथन को साबित करने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को मिल में आग लगने पर हुए 3 लाख 28 हजार रुपए के नुकसान को वाद दायर करने की तिथि से अदा करने तक 6 प्रतिशत साधारण ब्याज की दर से अदा करने और वाद व्यय के रुप में 4 हजार रुपए देने के आदेश दिए हैं।