एंटी करप्शन के कथित फोन ने उड़ाई शिक्षा विभाग की नींद

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मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग में पूर्व में एंटी करप्शन टीम और फिर शिक्षक भर्ती घोटाले में एसटीएफ द्वारा की गई कार्यवाही के बाद अब एबीएसए और लिपिक के पास एंटी करप्शन के कथित फोन आ रहे हैं। इससे वह भयभीत हो गए हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में उच्चाधिकारयों को अवगत नहीं कराया गया है।
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को बीते वर्षां में एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इससे शिक्षा विभाग में एंटी करप्शन की टीम का भय इस कदर चढ़ा कि इसकी आड़ में एक शिक्षक नेता ने तो विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर अपने जायज-नाजायज काम भी कराए।

हालांकि बाद में जनपद में खुले शिक्षक भर्ती घोटाले में एसटीएफ की कार्यवाही में यह शिक्षक नेता पकड़ा गया तो विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राहत की सांस ली कि अब एंटी करप्शन का भूत उन्हें परेशान नहीं करेगा लेकिन यह राहत अधिक देर नहीं रही। बीते एक सप्ताह से नौहझील के खंड शिक्षा अधिकारी श्याम कुमार और लिपिक आरएन पाठक के पास कुछ फोन आ रहे हैं। फोन करने वाला व्यक्ति स्वयं को अमर सिंह बताते हुए एंटी करप्शन टीम का सदस्य होने का दावा कर रहा है। वह फोन पर विभागीय जानकारी मांग रहा है। इनमें ऑफिस खुलने-बंद होने का समय, विद्यालयों के खुलने-बंद होने का समय, शिक्षक-शिक्षिकाओं के पर्सनल फोन नंबर सहित तमाम उल्टे-सीधे सवाल शामिल हैं।

अब हालात यह हो गए हैं कि मोबाइल पर घंटी बजने के साथ ही एबीएसए और लिपिक दोनों ही चौकन्ने हो जाते हैं कि पता नहीं किसका फोन होगा। दहशत के इस माहौल में इन्हें अपने रोजमर्रा के काम निपटाने में भी परेशानी आ रही है। लिपिक आरएन पाठक ने विषबाण को बताया कि 27 अपै्रल से लगातार एबीएसए नौहझील और उनके पास फोन आ रहे हैं। जिससे लगता है कि एंटी करप्शन के नाम पर हमें धमका कर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही विभागीय उच्चाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।