मुकुंद रिसोर्ट पर चलेगा एनएचएआई का चाबुक!

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मथुरा। शहर के प्रसिद्ध उद्योगपति विनोद कुमार कसेरे के कृष्णानगर स्थित मुकुंद रिसोर्ट पर शीघ्र ही राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कार्यवाही की जा सकती है। एक आरटीआई में मांगे गई सूचना के पक्ष में एनएचएआई ने यह जवाब दिया है। साथ ही पूर्व में स्वीकृत रिसोर्ट के नक्शे को भी मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा निरस्त कर दिया गया है। इसका कारण रिसोर्ट स्वामी द्वारा पूर्व में मानचित्र स्वीकृति के समय नेशनल हाईवे के एनओसी जमा न करना बताया गया है।


कृष्णानगर चौकी के बिलकुल सामने स्थित शहर के प्रमुख मुकुंद रिसोर्ट पर आखिरकार मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण का चाबुक चल ही गया। मुकुंद रिसोर्ट के खिलाफ काफी समय पूर्व शिकायत की गई थी कि इसके संचालक द्वारा नेशनल हाईवे सहित निजी जमीन पर भी कब्जा कर अवैध निर्माण इसे रिसोर्ट की जमीन में मिला दिया है। रिसोर्ट संचालक ने अपनी पहुंच का लाभ उठाते हुए इस प्रकरण को दबाने का काफी प्रयास किया लेकिन आखिरकार एमवीडीए साक्ष्यों को झुठला नहीं सका और शिकायत पर कार्यवाही करते हुए रिसोर्ट का मानचित्र निरस्त करने का पत्र जारी कर दिया। इस पत्र में नेशनल हाईवे द्वारा दिया जाने वाला अनापत्ति प्रमाण पत्र जमा न किया जाना और नगर निगम द्वारा पूर्व में जारी की गई एनओसी को निरस्त करने का भी हवाला दिया गया है। यह पत्र फरवरी माह में जारी किया गया था लेकिन उसके बाद भी इस रिसोर्ट में लगातार विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।

इसे लेकर मार्च माह में एमवीडीए द्वारा रिसोर्ट संचालक विनोद कुमार कसेरे को पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी गई है कि विभाग द्वारा नक्शा निरस्त करने के बाद भी रिसोर्ट में विवाह सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया कि क्यों न अवैध रुप से निर्मित मुकुंद रिसोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश पारित कर दिए जाएं लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। वहीं दूसरी ओर आरटीआई कार्यकर्ता शिवशंकर यादव द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांगी गई सूचना के जवाब में नेशनल हाईवे अथारिटी ने भी मुकुंद रिसोर्ट पर कार्यवाही करने की बात कही है। राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा आरटीआई का जवाब 20 अपै्रल को दिया गया है। देखना होगा कि मुकुंद रिसोर्ट पर अधिकारियों द्वारा कब कार्यवाही होती है।