लोकसभा चुनाव ने राजघराने में कराई जंग, मर्यादा हुई तार-तार, खिंची तलवार

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मथुरा। लोकसभा चुनाव के परिणाम क्या होंगे यह तो 23 मई के बाद ही पता लगेगा। लेकिन उससे पहले ही राजघराना परिवार में हार जीत को लेकर सोशल मीडिया पर खुलकर मैदान में आ गया है। इसमें तीखी नांक झोंक के साथ अभद्र शब्दों का प्रयोग खुलकर किया जा रहा है। इसमें जहां परिवार के सदस्य शामिल हैं वहीं एक दूसरे के समर्थक भी जंग में शामिल हैं। इस पारिवारिक जंग का अंत कब होगा यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन यह लड़ाई राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जनपद में तीन बार सांसद रहे पूर्व कांग्रेस नेता कुंवर मानवेंद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव से कुछ दिन पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। जबकि उनके छोटे भाई कुंवर नरेंद्र सिंह को इससे पहले ही गठबंधन ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था। बताते हैं कि कुंवर मानवेंद्र सिंह ने रालोद गठबंधन से अपनी टिकट की दावेदारी की थी लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल सका। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में कुंवर मानवेंद्र सिंह के पुत्र ऋषिराज सिंह ने चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। कुंवर मानवेंद्र सिंह के स्थान पर रालोद गठबंधन ने उनके छोटे भाई कुंवर नरेंद्र सिंह को अपना लोकसभा प्रत्याशी बनाया तो बडे़ भाई मानवेंद्र सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया और अपने ही छोटे भाई के विरुद्ध प्रचार प्रसार और जनसंपर्क करना आरंभ कर दिया। मतदान होने से पूर्व कुंवर मानवेंद्र सिंह ने फेसबुक पर पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए भाजपा प्रत्याशी हेमामालिनी को वोट देने की स्थानीय मतदाताओं से अपील की थी। बस इसके बाद ही एक-दूसरे नेताओं के समर्थकों ने आपस में ताने और छींटाकशी आरंभ कर दी। इसके थोड़ी ही देर बाद में कुंवर मानवेंद्र सिंह के पुत्र ऋषिराज सिंह और कुंवर नरेंद्र सिंह के बडे़ पुत्र कुशाग्रराज सिंह भी इस विवाद में कूद पड़े। इसके बाद तो दोनों के बीच खूब शाब्दिक जंग छिड़ी। समर्थकों ने भी खूब अपनी भड़ास निकाली।

      

कुछ इस तरह की रही जुबानी जंग
18 अपै्रल को कुंवर मानवेंद्र सिंह ने अपनी फेसबुक आई ‘राजा मानवेंद्र सिंह’ से बीजेपी तेजी से भारी बहुमत से विजय की ओर अग्रसरीत नामक पोस्ट अपलोड की थी। इसके बाद कुंवर नरेंद्र सिंह के पुत्र कुशाग्र राज सिंह ने कमेंट्स किया है कि भाव मत दीजिए, जनता ने मुंह तोड़ जवाब दिया है, 23 मई को सदमे में आने वाले हैं। बौखलाहट है, जीवन में ग्राम पंचायत सदस्य भी नहीं हो पाएंगे दोनों, टिकट की आशा करना तो दूर की कौड़ी है। राष्ट्रीय नेता 8000 वोट लाए थे, हमारे आदमियों को एफबी पर धमका रहे हैं, जनता ने मुंह काला किया है, 23 को अस्पताल में होंगे। ऋषिराज सिंह को कुंआ ढूंढने की सलाह भी दी गई है। एक कमेंट्स में कुशाग्रराज सिंह ने कहा है कि ऋषिराज सिंह जितने वोट तुम्हारे पिताजी के आए हैं सभी चुनाव में मिलाकर, उनको मिला लेना, 23 को एक बार में सब पूरे कर देंगे, 2017 में 40999 आए थे, ठाकुरों के स्वघोषित पोप और तुमसे कहीं ज्यादा।

       
वहीं ऋषिराज सिंह ने भी जवाब दिया कि कुशाग्रराज अपने पिताजी का बायोडाटा तो बता देना, 5 इलेक्शन लड़ चुके हो, उनका रिजल्ट क्या रहा, बातें बड़ी बड़ी कर रहे हो। गोवर्धन में तीसरे नंबर पर आए। साथ ही चेतावनी भी दे डाली कि फेसबुक पर क्या बात कर रहा है, सामने आकर बात कर। छाता में तेरे पिताजी को 12000 मिले थे। परिवार की लड़ाई में फेसबुक पर इस तरह की जुबानी जंग ने फेसबुक यूजर्स को हैरत में डाल दिया है। एक जगह ऋषिराज सिंह कहते हैं कि आपने अपने बड़े भाई को 10 साल से अपमानित किया, जहां मौका मिला। तो कुशाग्रराज सिंह जवाब देते हैं कि वैसे तो किया नहीं है पर वो हैं इसी लायक।

        

समर्थकों के कमेंट्स
मोनू ठाकुर- कुंवर नरेंद्र सिंह जी के पैरों की धूल के बराबर नहीं हो आप, मथुरा के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। ऋषिराज सिंह आपको बधाई, नरेंद्र अंकल की जीत की। नरेंद्र अंकल जैसा नेता न हुआ, न होगा कभी, उनके ऐहसाल भूल गए। ऋषिराज सिंह राजपूत समाज आपका स्वागत करना चाहता है, आपने दुनिया का सबसे बड़ा काम किया है, बताओ अपने चाचा से धोखा, स्वागत तो बनता है।
पं. नीरज प्रधान सभासद सौंख- एक बात बोलूं ऋषिराज जी निश्चित आपने कुलद्रोही बनने का काम किया है। चाहे कुछ भी हो मथुरा में जलवा कुंवर नरेंद्र सिंह का ही है। इस चुनाव में आपको शांत रहना था लेकिन आपने अपनी लुटिया डुबो ली। ऋषिराज जी आप तीन बार सांसद होने की बात करते हो लेकिन किसकी बदौलत वो बात नहीं करते, क्यों कि आपको पता है कि जिसकी बदौलत बने उस व्यक्तित्व का नाम कुंवर नरेंद्र सिंह है। और जिस भाजपा की आप और आपके पिताजी चापलूसी कर रहे हैं, उसी भाजपा ने वर्ष 2017 आपको टिकट ने देकर आपको चेहरा दिखा दिया था। फिर उसी महान व्यक्ति कुंवर नरेंद्र सिंह ने आपकी लाज रखी और आपको रालोद से टिकट दिलवाई पर आप एहसान फरामोश निकले।
वीरराज चौधरी भोला भईया- ऋषि भैया, आप कभी मेम्बर नहीं हो सकते, आपके पिताजी का सम्मान गया और राजनीतिक कैरियर भी, स्क्रीन शॉट लेकर रख लो।

फेसबुक पर ही एक पोस्ट में कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष लता चौहान ने कमेंट किया है कि -जो परिवार के लिए अच्छा नहीं साबित हो पाया, वो देश के लिए क्या करेगा, आप जैसे लोग अब एक्सपायरी दवा हैं जिनके खाने से आदमी की मौत निश्चित है, आपने बीजेपी ज्वाइन की है तभी तो हेमाजी हार रही हैं तो जवाब में पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह ने शालीनता की हद पार करते हुए जवाब दिया है कि- मेरे आने के बाद हेमाजी को कोई ताकत नहीं जो हरा ले, लगभग डेढ़ दो लाख से निश्चित है, तुम जैसे बरसाती मच्छर हैं जो अपनी मौत मर जाते हैं, कांग्रेस को जिता, एक्सपायर तो तू हो गई है, निर्लज्ज औरत, तेरे बारे में सब जानते हैं अपने परिवार के बारे में देख, अपने पति की नहीं हुई तो किसकी होगी। इस अभद्र कमेंट्स से फेसबुक यूजर्स भी काफी हैरत में हैं। पूर्व सांसद कुंवर मानवेंद्र सिंह ने विषबाण को बातचीत में कहा कि मैंने लता चौहान के कमेंट्स का जवाब दिया था। उन्हें हमारे परिवार की लड़ाई के बीच में बोलने का हक नहीं है। उन्होंने गलत कमेंट किया था जिसका जवाब देना जरुरी था। पुत्र ऋषिराज सिंह द्वारा किए गए कमेंट पर उन्होंने कहा कि यह सब चुनावी स्टंट है। चुनाव परिणाम के बाद सभी खुद ब खुद खत्म हो जाएगा। सभी शांत बैठ जाएंगे। वहीं रालोद से लोकसभा प्रत्याशी कुंवर नरेंद्र सिंह ने फेसबुक वार पर विषबाण को बताया कि वह सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय नहीं है। न ही उन्हें कोई जानकारी है कि उनके पुत्र कुशाग्रराज सिंह ने उनके भैया मानवेंद्र सिंह की फेसबुक आईडी पर कोई कमेंट्स किया है। कहा कि यदि कुशाग्रराज सिंह ने कोई गलत कमेंट्स किया है तो वह उन्हें नहीं करना चाहिए था लेकिन वह भी युवा हैं और उनके पिता को कोई कुछ गलत बोले तो उनका बोलना भी स्वाभाविक है। कहा कि सौंख में भाजपा के पूर्व सांसद तेजवीर सिंह ने भरी सभा में बडे़ भैया मानवेंद्र सिंह को विभीषण बताया, इस पर वह मुस्करा रहे थे। इससे अधिक पीड़ा की बात और क्या हो सकती है। उनका मुझसे मुंह फेर लेना मेरे लिए फायदे का सौदा साबित हुआ। मुझे मतदाताओं की सहानुभूति वोट के रुप में मिली है। कुंवर मानवेंद्र सिंह ने जुबानी जंग से लिया यू टर्न……. देखिए खबर  http://www.vishban.com/2019/04/21/rajgharna-jang-what-will-be-the-fate-of-the-distances/