एलआईसी को देने होंगे 7.50 लाख, पीड़िता के पक्ष में हुआ आदेश

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मथुरा। जिला उपभोक्ता फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम को पीड़ित महिला को बीमा भुगतान राशि के रुप में 7.50 लाख रुपए दिए जाने के आदेश दिए हैं। आदेश से पहले एलआईसी ने पीड़िता को यह राशि दिए जाने से इंकार कर दिया था। इससे परेशान होकर महिला ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था।


मनोहरपुरा निवासी शाहजहां पत्नी स्व. मुगीस अहमद ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। याची के अनुसार उसके पति स्व. मुगीस अहदम ने वर्ष 2012 में एलआईसी से जीवन सरल बीमा पालिसी ली थी। वर्ष 2012 में ही उनकी मृत्यु हो गई। जब एलआईसी में जीवन सरल पालिसी के लिए क्लेम किया गया तो बीमा कंपनी ने भुगतान करने से इंकार कर दिया। इससे परेशान होकर पीड़िता ने जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर करते हुए बीमा भुगतान कराए जाने की मांग की।

बीमा कंपनी ने जिला उपभोक्त फोरम में दलील दी कि बीमा पालिसी लेते समय मृतक मुगीस ने अपनी बीमारी से संबंधित तथ्य छिपाए थे। इसलिए उन्हें भुगतान नहीं किया जा सकता है। जबकि पीड़ित पक्ष का कहना था कि मृतक को कोई बीमारी नहीं थी। वरन् उनकी आकस्मिक मृत्यु हुई थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह याची शाहजहां को बीमा क्लेम की 7.50 लाख रुपए की धनराशि का वाद प्रस्तुत करने की तिथि से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से 45 दिन के अंदर अदा करे। साथ ही याची को वाद व्यय के रुप में 4000 रुपए भी प्रदान किए जाएं।