लोकसभा चुनावः खर्चें का टोटा, कार्यकर्ता हुए पस्त

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मथुरा। मतदान की तिथि नजदीक आने से पहले ही लोकसभा प्रत्याशी खर्चें के मामले में पस्त होते नजर आ रहे हैं। कड़ी धूप में जहां एक ओर कार्यकर्ता पसीना बहा रहे हैं। वहीं प्रत्याशी उनकी मेहनत पर मेहरबान नहीं हो पा रहे हैं। जिले में कई स्थान ऐसे हैं जहां पर अभी तक प्रत्याशियों का चुनाव कार्यालय तक नहीं खुल सका है। तो कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए गाड़ियां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में कार्यकर्ता भी असमंजस की स्थिति में है।


चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में खर्च की सीमा भले ही 70 लाख रुपए कर दी हो। लेकिन सभी जानते हैं कि लोकसभा चुनाव में एक प्रत्याशी का आसानी से 5 से 10 करोड़ रुपए तक व्यय हो जाते हैं। मथुरा लोकसभा चुनाव में 18 अपै्रल को मतदान होना है। इसमें अभी लगभग 9 दिन बाकी हैं और 16 अपै्रल को चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। इस नजरिए से देखें तो चुनाव में प्रचार प्रसार करने के लिए प्रत्याशियों के पास सिर्फ 7 दिन बचे हैं। इन्हीं सात दिनों में अर्थात् 12 अपै्रल के बाद चुनाव प्रचार गति पकड़ेगा। मथुरा में बडे़- बडे़ स्टार प्रचारक अलग-अलग प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा, रैली, रोड शो करते हुए नजर आएंगे। लेकिन इससे पहले ही बीते कई दिनों से चल रहे चुनाव प्रचार में हो रहे खर्चों ने लोकसभा प्रत्याशियों की पेशानी पर बल ला दिए हैं। लगातार हो रहे खर्च से प्रत्याशी इतने परेशान हो चुके हैं कि वह झुंझलाने लगे हैं। भाजपा प्रत्याशी के नौहझील, शेरगढ़ एवं बाजना सहित अन्य कई स्थानों पर चुनाव कार्यालय नहीं खुल सके हैं। तो प्रचार करने के लिए कार्यकर्ताओं को गाड़ियां भी मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। गठबंधन प्रत्याशी द्वारा प्रचार गाड़ियां में ईंधन डलवाने की एवज में राया- मांट क्षेत्र के पेट्रोल पंप को भुगतान के लिए दिए गए चेकों के बाउंस होने के मामले सामने आ रहे हैं। इसी तरह कार्यकर्ता खर्चे और गाड़ियों के अभाव में घर से नहीं निकल पा रहे हैं।

नाम न खोलने की शर्त पर एक कार्यकर्ता ने बताया कि इस समय चुनाव प्रचार जब उफान पर होना चाहिए। तब प्रत्याशी हाथ खड़े करते हुए नजर आ रहे हैं। मीडिया कर्मी भी विज्ञापन के लिए प्रत्याशियों के चक्कर काट रहे हैं और प्रत्याशी उन्हें लगातार आश्वासन का लालीपॉप थमा रहे हैं। जबकि चुनाव प्रचार सिर्फ एक ही सप्ताह बाद बंद हो जाएगा। प्रत्याशियों की हालत देखते हुए कार्यकर्ताओं में जहां मायूसी छाई हुई है, वहीं प्रत्याशियों के चेहरों पर तनाव की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। भाजपा के मुख्य चुनाव अभिकर्ता पद्मसिंह शर्मा ने बताया कि बाजना में चुनाव कार्यालय शुरु करा दिया गया है। शेष अन्य स्थानों पर भी व्यवस्था की जा रही है। वरिष्ठ रालोद नेता डॉ अशोक अग्रवाल ने बताया कि चुनाव प्रचार की कुछ व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गई हैं। इनमें सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी।