कमलकांत उपमन्यु सहित दो पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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मथुरा। उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। इनके विरुद्ध जिला सूचना अधिकारी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने आदि धाराओं में थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि दूसरी ओर आरोपी पत्रकार समर्थक द्वारा भी तहरीर सूचना अधिकारी के खिलाफ थाने में दी गई है।
जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह ने थाना सदर बाजार में दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार, 5 अपै्रल शुक्रवार को पत्रकार कमलकांत उपमन्यु एक पत्रकार सुरेश पचहरा के नवीनीकरण के संबंध में कार्यालय आए थे। यहां जबरन पत्रकारों की मान्यता के लिए दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। इसका विरोध करने पर गाली-गलौज की। जब गाली देने के लिए मना किया तो धमकी देने लगे और सरकारी कार्य में बाधा डालने लगे। उनके साथ एक अन्य पत्रकार भी था। उसने भी अभद्रता की थी। इसके चलते ही थाना सदर बाजार में तहरीर दी गई। थाना सदर बाजार प्रभारी ने बताया कि जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह की तहरीर के आधार पर कमलकांत उपमन्यु सहित एक अन्य सुरेश पचहरा के विरुद्ध 332, 323, 353, 504 और 506 आईपीसी धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इससे पूर्व कमलकांत उपमन्यु के खिलाफ वर्ष 2014 में थाना हाइवे में एक पीड़ित छात्रा द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मामला अभी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित है। इसी तरह हाल ही में वर्ष 2018 में भी एक अन्य बलात्कार का मामला एक महिला पत्रकार ने थाना फरह में न्यायालय के आदेश पर कमलकांत सहित तीन अन्य के खिलाफ दर्ज कराया था। इस मामले में समझौता होना बताया गया। सूचना अधिकारी द्वारा दर्ज कराए गए मामले में कमलकांत उपमन्यु का कहना है कि सूचना अधिकारी द्वारा संपादकों के पत्र लगे होने के बाद भी कुछ पत्रकारों की मान्यता निरस्त कर दी गई। वह इसी मामले में सूचना अधिकारी से मुलाकात करने गए थे। यहां सूचना अधिकारी ने समस्या का समाधान तो नहीं किया वरन् उनके विरुद्ध मुकदमा ही दर्ज करा दिया। यह पत्रकारों का उत्पीड़न है। एक अन्य आरोपी सुरेश पचहरा ने भी सूचना अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एसएसपी को पत्र लिखा है। जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को कमलकांत उपमन्यु सुरेश पचहरा के साथ कार्यालय आए थे। यहां उन्होंने सुरेश पचहरा की मान्यता के नवीनीकरण के संबंध में मुझे धमकाया। बात न मानने पर किसी अन्यत्र जनपद में स्थानांतरण कराने और मुझे क्षति पहुंचाने की धमकी दी। बताया कि गत वर्ष 2018 में भी एक बार इन्होंने यही हरकत की थी। तब प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था। बताया कि जब यह घटना हुई तब कुछ वरिष्ठ पत्रकार भी कार्यालय में मौजूद थे।