क्या गर्दिश के दौर से निकल पाएगी कांग्रेस!

0
317

मथुरा। एक समय मथुरा में अपना दबदबा रखने वाली कांग्रेस के सितारे जनपद में गर्दिश में हैं। इस समय कांग्रेस के पास लोकसभा, विधानसभा, नगर पालिका, नगर पंचायत आदि में कोई मुखिया नहीं है। पिछले तीन बार से मथुरा में कांग्रेस का कोई सांसद नहीं बन सका है। मथुरा जनपद की पांच में से एक भी विधानसभा में कांग्रेस का विधायक नहीं हैं। जिला पंचायत में कांग्रेस का दखल न के बराबर रहा है। नगर निगम और नगर पालिकाओं में भी मेयर अथवा चेयरमैन पदों पर कांग्रेस खाली हाथ ही है।
मथुरा लोकसभा सीट आरंभ से ही कांग्रेस और भाजपा दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण सीट रही है। यहां दोनों ही पार्टियां जीतने के लिए ही लड़ी हैं। हालांकि इस लड़ाई में भाजपा फिलहाल आगे चल रही है लेकिन कांग्रेस ने भी लोकसभा चुनाव में अपना दखल रखा है। लेकिन वर्तमान में कांग्रेस के लिए मथुरा राजनीतिक रुप से सूखी जमीन बनी हुई है। यहां से वर्ष 2004 में कुंवर मानवेंद्र सिंह कांग्रेस से सांसद बने थे। इसके बाद विगत 15 वर्ष से यहां कांग्रेस का सांसद नहीं बन सका है। इससे पहले भी मानवेंद्र सिंह ही वर्ष 1984 में कांग्रेस से जीते थे। उसके बाद फिर कांग्रेस को मथुरा लोकसभा पर परचम लहराने के लिए 20 वर्ष का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस को मानवेंद्र सिंह ने ही मथुरा सीट पर विजय दिलाई। लोकसभा चुनावों का इतिहास देखें तो अब तक 16 लोकसभा चुनावों में सिर्फ 5 बार ही कांग्रेस
मथुरा में अपना परचम लहराने में सफल रही है। वर्ष 2009 में रालोद के जयंत चौधरी भाजपा के सहयोग से और वर्ष 2014 में भाजपा की हेमामालिनी सांसद बनी थी। मथुरा जिले की पांच विधानसभा में सिर्फ मथुरा-वृंदावन विधानसभा सीट ही कांग्रेस के पास विगत तीन बार से थी। यहां प्रदीप माथुर लगातार तीन बार विधायक रहे। लेकिन गत चुनाव वर्ष 2017 में वह भी भाजपा के श्रीकांत शर्मा से बुरी तरह चुनाव हार गए। मथुरा-वृंदावन नगर निगम पर वर्तमान में भाजपा से डाॅ मुकेश आर्यबंधु मेयर हैं। कोसी नगर पालिका में बसपा के नरेंद्र सिंह काबिज हैं साथ ही नगर पंचायत में भी भाजपा सभी पार्टियों पर हावी है। कांग्रेस वर्तमान में मथुरा जनपद में हाशिए पर पड़ी हुई है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी हेमामालिनी के सामने हरियाणा सनसनी डांसिंग स्टार सपना चौधरी को चुनाव लड़ाने का प्रयास किया था लेकिन मामला पटरी पर नहीं आ सका। इसके बाद कांग्रेस ने उद्योगपति महेश पाठक को मथुरा से अपना प्रत्याशी बनाया है। महेश पाठक चुनाव जीतने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और मतदाताओं के रुझान की मानें तो वह फिलहाल फाइट में ही नहीं है। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हेमामालिनी और गठबंधन प्रत्याशी कुंवर नरेंद्र सिंह के बीच ही टक्कर मानी जा रही है।