ये कैसा कानून का राज! हिस्ट्रीशीटर्स के हाथों में भाजपा की कमान

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मथुरा। भयमुक्त समाज, स्वच्छ प्रशासन का नारा देकर भाजपा प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी गाहे बगाहे यह कहने से नहीं चूकते हैं कि प्रदेश में अपराधी या तो जेल में हैं। या प्रदेश छोड़कर चले गए हैं और कुछ अपराधी मारे जा चुके हैं। जबकि मथुरा जनपद में स्थिति एकदम उलट है। यहां तो चार-चार हिस्ट्रीशीटर भाजपा के बडे़ नेताओं में शुमार हैं। एक हिस्ट्रीशीटर तो 25 मार्च को मथुरा में भाजपा प्रत्याशी हेमामालिनी के समर्थन में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच तक साझा कर चुका है।


मथुरा की शहर कोतवाली में लगे हिस्ट्रीशीटर के बोर्ड पर कोतवाली क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर्स की सूची लगी हुई है। इस सूची में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जो कि भाजपा की जिला इकाई से लेकर महानगर इकाई और विधि प्रकोष्ठ में महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। सूची में क्रमांक संख्या 53 पर हरिशंकर उर्फ राजू यादव पुत्र महेंद्र सिंह निवासी अंतापाड़ा कोतवाली का नाम दर्ज है। इनका हिस्ट्रीशीट नंबर 61ए है। इनके ऊपर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में यह भाजपा की जिला इकाई में जिला महामंत्री पद पर आसीन है। सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज में 25 मार्च को आयोजित जनसभा में योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर मौजूद था। उसने सीएम योगी के साथ गुफ्तगू भी की थी। सूची में क्रमांक संख्या 54 पर गुरु उर्फ रामकिशन पाठक पुत्र बालकिशन निवासी होलीगेट कोतवाली का नाम लिखा हुआ है। इनकी हिस्ट्रीशीट 62ए है और यह वर्तमान में भाजपा विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक है। जोर शोर से भाजपा प्रत्याशी को चुनाव जिताने में लगे हुए हैं। बोर्ड पर क्रमांक संख्या 55 पर विष्णु पुत्र भरत निवासी गताश्रम टीला बंगाली घाट कोतवाली का नाम दर्ज है।

हिस्ट्रीशीट संख्या 63ए है। यह व्यापारी नेता माने जाते हैं। इनके पास महानगर कार्यकारिणी में महानगर मंत्री का पद है। वहीं चैथे हिस्ट्रीशीटर दीपू उर्फ दीपेंद्र पुत्र नंदलाल निवासी होलीगेट का नाम बोर्ड पर 56 क्रमांक नंबर पर है और इनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 64ए है। यह हिस्ट्रीशीटर भी महानगर कार्यकारिणी में महानगर मंत्री पद पर काबिज है। इसमें एक बड़ा संयोग यह भी है कि हिस्ट्रीशीट बोर्ड पर चारों भाजपा नेताओं के नाम लगातार अंकित हैं। जबकि क्रमांक संख्या 57 पर भी भाजपा का ही एक सक्रिय कार्यकर्ता बताया जा रहा है। ऐसा लगता है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव जीतने के लिए अपराधियों को पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं। उक्त के संबंध में विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक रामकिशन पाठक ने विषबाण को बताया कि मैं बजरंग दल का पदाधिकारी था। मुझ पर आंदोलनों के दौरान कुछ मुकदमे लिखे गए थे। जो कि बंद हो चुके हैं। कुछ विरोधी तत्व मेरी और पार्टी की छवि को बदनाम करने में लगे हुए हैं लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकेंगे। इसी तरह अन्य आरोपियों ने अपने ऊपर लगाए गए मुकदमों को राजनीति से प्रेरित एवं साजिश करार दिया है। भाजपा के क्लस्टर हेड देवेंद्र शर्मा ने विषबाण को बताया कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। वहीं दूसरी तरफ कोतवाली प्रभारी केके तिवारी से उक्त चारों हिस्ट्रीशीटर्स का रिकार्ड मांगा गया तो उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में जानकारी देने के लिए कहा। कहा कि कोतवाली में लगे हिस्ट्रीशीटर्स बोर्ड में अंकित सभी नाम सही हैं और वर्तमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि विषबाण द्वारा अपराधियों की जांच पड़ताल किए जाने के बाद एक हिस्ट्रीशीटर ने कोतवाली में लगे बोर्ड से अपना नाम हटवाने एवं बोर्ड को ही हटवाने का भी प्रयास किया। लेकिन वह सफल नहीं हो सका।