24 लाख खर्च फिर भी नहीं जुटे समर्थक

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मथुरा। भाजपा लोकसभा प्रत्याशी हेमामालिनी के समर्थन में 25 मार्च को मथुरा में आयोजित उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा मंे कुल खर्च 24 लाख रुपए का बताया जा रहा है। जबकि भाजपा सूत्रों की ही मानें तो सभा में लगभग 800 से 1000 समर्थक ही पहुंच सके थे। समर्थकों की भीड़ के अनुपात में दिखाया गया खर्च काफी अधिक आंका जा रहा है।
मथुरा लोकसभा सीट पर भाजपा की स्टार प्रचारक सिने तारिका हेमामालिनी चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा हेमामालिनी को चुनाव जिताने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रयास में हेमामालिनी के नामांकन के दिन 25 मार्च को जनसभा को संबोधित करने के लिए प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ मथुरा आए थे। यहां उन्होंने पहले ठाकुर बांकेबिहारीजी के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने शहर के बीचों बीच स्थित सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए हेमामालिनी को चुनाव में जिताने की अपील की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भाजपा को जैसी उम्मीद थी कि सभा में योगी आदित्यनाथ को सुनने के लिए भीड़ उमड़ेगी, ऐसा कुछ नहीं हो सका। वरन् सभा स्थल पर मौजूद कुर्सियां खाली ही पड़ी रहीं। इस सभा को विरोधियों द्वारा फ्लाप बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो इस सभा को आयोजित करने में भाजपा द्वारा करीब 24 लाख रुपए खर्च किए गए। 24 लाख रुपए व्यय का ब्यौरा भाजपा की जिला इकाई द्वारा प्रत्याशी हेमामालिनी को सौंपा गया है। जिसे देखकर वरिष्ठ पार्टी नेता भी भौचक्क रह गए और एक दूसरे की बगलें झांकने लगे। बताया जा रहा है कि जनसभा में लगभग 800 से 1000 व्यक्तियों की ही भीड़ जुट सकी थी। इस हिसाब से देखा जाए तो लगभग 1000 व्यक्तियों पर भाजपा ने 24 लाख रुपए का व्यय किया है। सूत्रों का कहना है कि भीड़ कम होने का कारण योगी आदित्यनाथ को पुलिस लाइन स्थित हैलीपैड से सभा स्थल सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज के मैदान में लाने की जगह कलेक्ट्रेट स्थित लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में बैठक के बहाने उलझाए रखा गया। जब मुख्यमंत्री की बैठक आगरा में भी होने के कारण एक घंटे देरी से सभास्थल पर लाया गया। इसके बाद भी सभास्थल पर काफी संख्या में कुर्सियां खाली नजर आ रही थीं। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी में हड़कंप मच गया। भाजपा नेताओं की मानें तो जनता को लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था ही नहीं की गई थी। जिससे सभास्थल पर उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं आ सकी। वरिष्ठ नेता सवाल उठा रहे हैं कि आखिर 24 लाख की राशि कहां खर्च हो गई। हालांकि मंच से ऐलान होता रहा कि प्रशासन की नाकाबंदी के चलते गाड़ियों को काफी दूरी पर रोक लिया गया था। इससे सभा स्थल पर भीड़ नहीं आ सकी थी। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं मुख्य चुनाव अभिकर्ता पद्म सिंह शर्मा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है। जबकि जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार और लोकसभा चुनाव संयोजक डाॅ डीपी गोयल का फोन अटेंड नहीं हो सका।