क्या नामांकन में शक्ति प्रदर्शन तय करेगा प्रत्याशियों का भाग्य….

0
377

मथुरा। कहते हैं कि आगाज अच्छा तो उसका अंत भी अच्छे होने का प्रतिशत काफी बढ़ जाता है। इस कहावत को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशी अपने अपने नामांकन में शक्ति प्रदर्शन कर मतदाताओं को संदेश देना चाहते हैं कि जनता उनके समर्थन में है। नामांकन को चुनाव प्रत्याशी का आगाज माना जाता है। यही कारण है कि प्रत्याशी अपने नामांकन को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटे हैं। भाजपा और गठबंधन अपने अपने दिग्गज नेताओं को नामाकंन में बुलाने के प्रयास में हैं।
सपा, बसपा और रालोद के गठबंधन से रालोद के खाते में आई मथुरा लोकसभा सीट पर कुंवर नरेंद्र सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद भाजपा ने अपनी सिटिंग सांसद हेमामालिनी पर ही दांव खेला है। कांग्रेस अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी है। घोषित प्रत्याशियों ने अपने नामांकन में शक्ति प्रदर्शन करने के लिए प्रयास शुरु कर दिए हैं। हेमामालिनी के नामांकन में स्वयं उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आने की स्वीकृति दे दी है और उनका मिनट टू मिनट कार्यक्रम भी जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुका है। वह शहर के बीच स्थित सेठ बीएन पोद्दार इंटर कालेज में समर्थकों को संबोधित भी करेंगे। वहीं दूसरी ओर गठबंधन प्रत्याशी कुंवर नरेंद्र सिंह के नामांकन में रालोद अध्यक्ष अजित सिंह, उपाध्यक्ष जयंत चैधरी सहित अन्य नेताओं के आने की संभावनाएं बन रही हैं। शनिवार को भी रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चैधरी ने कुंवर नरेंद्र सिंह के पक्ष में तीन सभाएं कर कार्यकताओं और मतदाताओं से समर्थन मांगा। नामांकन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का अनुरोध किया। वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने प्रत्याशियों के साथ आने वाली भीड़ को टैंक चैराहा पर रोकने के लिए अपनी व्यवस्थाएं चाक चैबंद कर ली हैं। टैंक चैराहा से लेकर कलेक्ट्रट तक बेरीकेडिंग कर समर्थकों को रोकने की व्यवस्था की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहेगा।