मथुरा का चर्चित इंस्पेक्टर गाजियाबाद में गिरफ्तार

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गाजियाबाद। कभी मथुरा और वृंदावन कोतवाली का प्रभारी रहा इंस्पेक्टर पूरन सिंह मेहरा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की मेरठ यूनिट ने पूरन सिंह मेहरा को गिरफ्तार किया है। रिटायर्ड इंस्पेक्टर पूरन सिंह को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तारी के बाद मेरठ जिला अस्पताल में उसका मेडिकल कराया है।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि 2011 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूरन सिंह मेहरा पुत्र बहादुर सिंह के खिलाफ एंटी करप्शन ने मामला दर्ज किया था। पूरन सिंह का मूल गांव मंतोली थाना बेरीनल जिला पिथौरागढ़ उत्तराखंड है। पूरन सिंह इस समय गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौड़ ग्रीन सिटी कालोनी में परिवार के साथ रहा था। वहीं एंटी करप्शन टीम आय से अधिक संपत्ति मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी। बता दें कि 2017 में पूरन सिंह मेहरा, इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन इंस्पेक्टर समेत आठ सदस्य टीम लगाई गई थी।
आगरा और मथुरा में कई थानों में तैनाती के दौरान चर्चित रहे इंस्पेक्टर पूरन सिंह मेहरा पर एंटी करप्शन टीम ने शिकंजा कस दिया था। पूरन सिंह मेहरा आगरा के ताजगंज, सदर, फतेहपुर सीकरी तथा पर्यटन थाने में तैनात रह चुका था जबकि मथुरा और वृंदावन कोतवाली का भी प्रभारी रहा। वर्ष 2016 में क्राइम ब्रांच से रिटायरमेंट के बाद वो गाजियाबाद के इंद्रापुरम में परिवार सहित रहने लगा था। नोएडा के गेल अपार्टमेंट निवासी नरेश यादव ने पूरन सिंह मेहरा के खिलाफ 21 मई 2009 में एंटी करप्शन मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। डिप्टी एसपी अमृता मिश्रा ने जांच के दायरे में 1997 से 2009 तक जुटाई गई चल और अचल संपत्ति रखी। मेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के ठोस साक्ष्य मिलने पर 30 नवंबर 2011 को मुकदमे की संस्तुति कर दी। 6 दिसंबर 2011 को उनके खिलाफ गाजियाबाद के इंद्रापुरम थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। एंटी करप्शन मेरठ के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा इसकी जांच कर रहे हैं।