व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष का पुत्र लापता, अलीगढ़ में मिली बाइक

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मथुरा। उ.प्र. उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष के कारोबारी पुत्र के रहस्यमंय ढ़ंग से लापता होने के बाद पुलिस प्रशासन से लेकर व्यापारियों में हड़कम्प मचा हुआ है। युवक की बाइक अलीगढ़ एवं मोबाइल की लोकेश देहरादून में मिलने पर पुलिस टीम मथुरा से रवाना हो गई है। जनपद के व्यापारियों ने एसपी सिटी से मुलाकात कर शीघ्र बरामदी की मांग की है।

उ.प्र. उद्योग व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष शिव शंकर वर्मा के पुत्र धीरज वर्मा (35 वर्ष) कस्बा सौंख में बजरंग हीरो के नाम से बाइक की एजेंसी का संचालन करते हैं सोमवार को कस्बा सौंख से एजेंसी के बीमा आदि कार्य के लिये बाइक से पहले दोपहर को कलक्ट्रैट स्थित अपने छोटे भाई दीपक वर्मा एड. के पास आये। इसके बाद अपनी हीरो स्पेलन्डर बाइक नम्बर एआर 4666 से सौंख अड्डा बीमा पॉलिसी के कार्य से बीमा कम्पनी के कार्यालय आये। जहां देर शाम तक घर ना पहुंचने पर मोबाइल पर सम्पर्क किया तो मोबाइल बन्द मिलने पर हड़कम्प मच गया।

बताया जाता है कि कस्बा सौंख में व्यापारियों से चौथ वसूली के मामले में व्यापारियों द्वारा जेल भिजवाये गये कथित संगठन के पदाधिकारी द्वारा धमकी दिये जाने के कारण परिजनों ने धीरज के साथ किसी अनहोनी की आशंका पुलिस-प्रशासन से व्यक्त की।

व्यापार मण्डल के जिलाध्यक्ष के पुत्र के लापता होने की खबर पर व्यापारियों द्वारा अग्रवाल अतिथि भवन भरतपुर गेट पर तत्काल बैठक बुलाई गई। जिसमें मण्डल के राष्ट्रीय मंत्री राजकुमार अग्रवाल मांट वाले, जिलाध्यक्ष शिव शंकर वर्मा, बसेरा ग्रुप के चेयरमैन राम किशन अग्रवाल, जिला महामंत्री मुकेश कुमार वार्ष्णेय, अजय गोयल, सुनील साहनी, नन्द किशोर गुसाई, आनन्द पापे प्रयागनाथ चतुर्वेदी, गणेश पहलवान, संजीव खण्डेलवाल, जगपाल सिंह चौधरी, हरिओम शर्मा, दिलीप पाण्डेय, रमेश चन्द खत्री, अजय चतुर्वेदी ने बैठक में भाग लिया। इसके बाद कोतवाली में एसपीसिटी असोक कुमार मीना, सीओ सिटी राकेश कुमार से मुलाकात कर लापता धीरज वर्मा का शीघ्र बरामद करने की मांग की। बताते हैं युवा व्यापारी के लापता होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया।

पुलिस द्वारा लापता व्यापारी का मोबाइल सर्विलांस पर लगाने पर कभी मोबाइल बन्द होना तो कभी चालू होना बताया गया है। लापता धीरज वर्मा ने अपने मोबाइल से छोटे भाई दीपक वर्मा एड. को भेजे मैसेज में बाइक को अलीगढ़ पार्किंग में खड़ा होने तथा घरवालों को परेशान ना होने एवं दो-तीन दिन में लौटने का सन्देश भेजा गया। जिसके बाद बाइक तो अलीगढ़ में बरामद हो गई। जब कि धीरज के मोबाइल की लोकेशन देहरादून में मिली। पुलिस परिजनों को लेकर देहरादून के लिये रवाना हो गई है। पुलिस एवं परिजनो ंको ये भी आशंका है कि कहीं धीरज वर्मा के मोबाइल का तत्व प्रयोग कर गुमराह तो नहीं कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक परिजनों में दहशत एवं चिन्ता का माहौल बना हुआ था और किसी सूचना को बेसब्री से इन्तजार कर रहे थे।