छात्रवृत्ति घोटाला: उर्जित इन्फोटेक सहित समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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मथुरा। जनपद में विद्यालय एवं कम्पयूटर सेंटर संचालकों द्वारा छात्र-छात्राओं के फर्जी पंजीकरण कर करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसमें मथुरा के उर्जित कम्प्यूटर सेंटर के संचालकों एवं समाज कल्याण विभाग के कम्रचारियों के खिलाफ 11 लाख करीब की छात्रवृत्ति घोटाले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई है।

सपा-बसपा सरकार में कथित विद्यालय एवं कम्प्यूटर सेंटर संचालकों द्वारा जनपद में बड़े पैमाने पर फर्जी रूप से छात्र-छात्राओं का पंजीकरण दर्शाकर करोड़ों की छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया गया था। जिसमें रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी किसी विद्यालय संचालक या समाज कल्याण विभाग के अधिकारी खिलाफ कार्यवाही नहीं हो सकी। इसी तरह ताजा मामला शहर के डैम्प्यिर नगर स्थित उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार व मिताली फौजदार ने जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों के साथ मिलकर वर्ष 2010-11,2013-14,2014-15 तथा 2015-16 में पिछड़े वर्ग के छात्रों को भारत सरकार से मान्यता प्राप्त ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स में प्रशिक्षण के नाम पर 10 लाख 90 हजार रुपये के सरकारी धन का गबन कर घोटाला किया तथा छात्रों के हक पर डाका डालते हुए ,छात्रों के साथ धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा किया व उत्तर प्रदेश सरकार से आवंटित धनराशि के सापेक्ष किसी भी छात्र का उपरोक्त वर्षों में न तो ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स में पंजीकरण कराया गया और ना ही किसी भी छात्र को परीक्षा दिलाई गयी द्य छात्रों की छात्रवृति की रकम का उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति व जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों व अधिकारियो द्वारा आपस में बंदरबांट कर लिया गया।

बताते हैं कि इस संबंध में आर.टी.आई. कार्यकर्ता, समाजसेवी व शिक्षाविद आशुतोष गर्ग नें सूचना के अधिकार का प्रयोग करते हुए इस सम्पूर्ण घटनाक्रम का पर्दाफाश किया तो पिछड़ा वर्ग विभाग नें मात्र वर्ष 2015-16 के लिए घोटाले व गबन का दोषी मानते हुए उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार व मिताली फौजदार से 4 लाख 20 हजार की वसूली कर उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर को निरस्त कर दिया द्य लेकिन सरकारी धन के गबन व धोखाधड़ी की एफ.आई.आर.पुलिस में दर्ज नहीं कराई। पिछड़ा वर्ग विभाग मथुरा व उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक की मिली भगत को देखते हुए आर. टी.आई. कार्यकर्ता द्वारा तीन वर्षों 2010-11,2013-14,2014-15 के रिकॉर्ड मांगने पर पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों, अधिकारियों व उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार व मिताली फौजदार ने किसी भी छात्र छात्राओं के पंजीकरण व परीक्षाफल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया।

इस मामले में अपने को बुरी तरह घिरता व फंसता हुआ देखकर उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार व मिताली फौजदार ने अपने प्रतिद्वंदी आशुतोष गर्ग को पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी आर.टी.आई. बनाकर आर.टी.आई. कार्यकर्ता की शिकायत की गई जो पुलिस द्वारा जाँच करने पर फर्जी पाई गई।

बतातें हैं कि मार्च 2018 तथा मई 2019 में उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार व मिताली फौजदार द्वारा भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकीमंत्रालय द्वारा सी. सी. सी. परीक्षा में सरकारी कंप्यूटर के नेटवर्क को हैक कराकर नकल कराने के दोषी होने के कारण उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। इस संबंध में आशुतोष गर्ग द्वारा आशुतोष गर्ग द्वारा एसएसपी मथुरा से शिकायत की गई जिसके बाद कोतवाली मथुरा में पंजाबी पेंच, डेम्पियर नगर स्थित उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार, मिताली फौजदार व जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले, सरकारी धन के गबन,धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा करने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के आदेश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 , 467, 468, 471 तथा 409 के अंतर्गत घ्फ. आई. आर. दर्ज कर मुकद्दमा कायम कर दिया गया है।

आर . टी.आई .कार्यकर्ता आशुतोष गर्ग नें दोषियों के विरुद्ध घ्फ.आई.आर.दर्ज करने पर कहा कि अब उर्जित इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर के संचालक दम्पति प्रदीप फौजदार , मिताली फौजदार व वर्ष 2010-11,2013-14,2014-15 व 2015-16 में कार्यरत पिछड़ा वर्ग कार्यालय मथुरा के कर्मचारियों व अधिकारीयों को सरकारी धन के गबन, घोटाले, छात्रों के साथ धोखाधड़ी ,षडयंत्र व फर्जीवाड़ा करने पर अवश्य रूप से जेल की सजा व अर्थ दंड भुगतना होगा द्य