महिला नेत्री ने उड़ाई भाजपा के दिग्गजों की नींद

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काल्पनिक फोटो

मथुरा।‘ये इश्क नहीं आसां इतना समझ लीजें, इक आग का दरिया है, और डूब के जाना है’’ कि पक्तियां इस समय कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं पर सटीक साबित हो रही है। जहां एक महिला नेत्री की गंभीर बीमारी ने नेताओं का दिन का चैन और रात की नींद को उड़ाकर रख दिया है। एक तरफ महिला नेत्री गंभीर बीमारी की चपेट में आकर जीवन-मौत से संघर्ष कर रही है वहीं दूसरी तरफ नेत्री से नजदीकी रखने वाले नेताओं के चेहरों की हवाईयां उड़ी हुई हैं कि कहीं वह भी गंभीर बीमारी की चपेट में तो नहीं आ गये हैं। इस मामले की गूंज पार्टी हाईकमान तक हो रही है।

संघ-भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार कई महा पूर्व एक ट्रक चालक की पत्नी को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराकर उसे क्षेत्रीय संगठन में महत्वपूर्ण पद पर तैनात कर दिया गया बल्कि उसे तमाम सरकारी लाभ भी दिला दिये गये। इस महिला नेत्री के साथ कई भाजपा नेताओं के फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे तो भाजपा नेताओं ने रिपोर्ट धर्ज कराने की धमकी कर फोटो हटवा दिये। इस मामले का खुलासा ‘‘विषबाण’’ द्वारा किये जाने पर इसकी गूंज पार्टी हाईकमान तक हुई तो महिला नेत्री को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

सूत्र बताते हैं कि इस महिला नेत्री को पार्टी से जुड़े कुछ वरिष्ठ नेता नेपाल सहित अन्य स्थानों पर ले गये थे तथा लखनऊ तक भी कई वरिष्ट नेताओं से भी मुलाकात कराई गई। बल्कि महिला नेत्री को होनहार भी बताया गया। लेकिन मामले के तूल पकड़ते ही नेताओं ने अपने को अलग-थलग करते हुए पाक-साफ बताना शुरू कर दिया। पार्टी से बाहर रास्ता दिखाने के बाद महिला नेत्री गंभीर रूप से बीमार हो गयी तो क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने वरिष्ट नेताओं से महिला के इलाज व्यवस्था की मांग की तो सभी ने अपने हाथ खड़े कर दिये। जिस पर महिला के परिजनों ने उसे वृन्दावन के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 20 दिन तक उपचार होने के बाद भी कोई लाभ ना मिलने पर दिल्ली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 20 दिन करीब इलाज चलने के बाद परिजन घर ले आये। महिला की हालत में जहां सुधर होता नजर नहीं आ रहा है वहीं दूसरी तरफ महिला से नजदीकी रखने वाले कई वरिष्ट नेताओं का दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है।

पूरे घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों की मानें तो महिला नेत्री की बीमारी का अभी खुलासा नहीं हो पा रहा है लेकिन उससे नजदीकी रखने वाले स्थानीय एवं वरिष्ट नेताओं के दिलों की धड़कने तेज हो गई हैं। बल्कि महिला की बीमारी का इलाज ना कराने पर भी कार्यकर्ताओं में असन्तोष है। जिसकी गूंज हाईकमान तक हो रही है।