अवैध खनन में करोड़ों का खेल : ग्रामीणों ने किया आन्दोलन का ऐलान, संघ-भाजपा भी मैदान में

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मथुरा। अवैध रूप से यमुना नदी से बालू खनन को लेकर नौहझील क्षेत्र के एक दर्जन गावों के ग्रामीणों द्वारा महा पंचायत कर अवैध बालू ना होने देने का ऐलान किया है। वहीं दूसरी तरफ संघ-भाजपा के कार्य कर्ताओं ने अवैध खनन में प्रदेश के एक वरिष्ट कैबिनेट मंत्री को शामिल बताते हुए विरोध करते हुए तत्काल रोक लगाने के लिये संघर्ष की रणनीति को अंजाम दिया जा रहा है।

योगी सरकार द्वारा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही के आदेशों के बाबजूद भी खनन माफिया शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झौंककर सत्ताधारी मंत्री एवं नेताओं के संरक्षण में अवैध बालू खनन कर जहां एक तरफ बड़े पैमाने पर राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं वहीं करोड़ों की काली कमाइ्रर सड़कों को क्षतिग्रस्त करने में लगे हुए हैं। जबकि ओवरलोड वाहनों से उड़ने वाली बालू (रेत) जनता की आखों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में असन्तोष पनपता नजर आ रहा है। बताते हैं यमुना नदी से बालू खनन का ठेका धीर सिंह नामक ठेकेदार द्वारा खैरार (शेरगढ़) यमुना नदी का लिया गया है। जिसमें वह खैरार के साथ-साथ छिनपारई के खादरों के साथ-साथ नौहझील क्षेत्र के फरीदपुर गांव के निकट से बह रही यमुना नदी से भ्ज्ञी बेरोक टोक करता रहा है।

बताते हैं कि उक्त ठेकेदार द्वारा गत वर्ष के लिये एक स्थान के ठेके की जगह 4 स्थानों से बालू खनन कर नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक किया गया था। जिसकी बिक्री होने के बाद पुनः बालू खनन का ठेका उक्त ठेकेदार द्वारा लिया गया है। जिसका शुभारम्भ भी गत दिवस कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर फरीदपुर, रायपुर, अनरदागढ़ी, भैरई, मुसमुना, तिलकागढ़ी, नातिकपुर, भगवानगढ़ी, मनीगढ़ी, खुशीलागढ़ी, जाफरपुर, मडियारी आदि एक दर्जन गावों के ग्रामीणों ने नानिकपुर गांव में महा पंचायत का आयोजन रविवार को किया गया। जिसमें 500 से अधिक लोगों ने महा पंचायत में भाग लिया। पंचायत को सम्बोधित करते हुए पूर्व प्रधान रोशन सिंह मास्टर, दिगम्बर सिंह प्रधान, जीवन सिंह प्रधान, जीतपाल प्रधान ने कहा कि अवैध खनन में लगे ओवरलोड वाहनो ंने पूरी तरह सड़क तबाह कर दी है। उनसे उड़ने वाली बालू से जहां बच्चों, ग्रामीणों की आखें खराब हो रही हैं वहीं सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हो गया है। जबकि यमनु नदी भी छलनी हो रही है।

महापंचायत में अवैध खनन की लिप्तता के लिये प्रदेश कैबिनेट मंत्री को जिम्मेदार मानते हुए पहले तो पंचायत के निर्णय से मंत्री को अवगत कराने पर विचार हुआ लेकिन ग्रामीणों ने मंत्री से मिलने का प्रस्ताव ठुकराते हुए किसी भी हालत में खनन ना होने देने का एैलान किया। साथ ही पुलिस-प्रशासनको चेतावनी दी है कि अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई तो वह गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहें। पंचायत में वीरेन्द्र सिंह बनवारी लाल प्रधान, बलवीर प्रधान, मौहर सिंह प्रधान, रामवीर सिंह, लौहरे सिंह, चतुर सिंह, लखन सिंह, भगवान सिंह, कृपाल सिंह, राजनलाल, महावीर सिंह, राजू चौधरी, सतवीर सिंह आदि उपस्थित थे। पंचायत की अध्यक्षता चौ. अमर सिंह एव संचालन पप्पू नौहवार ने किया। दूसरी तरफ अवैध खनन को लेकर भाजपा-संघ के जुड़े कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों में भी असन्तोष दिखाई दे रहा है। संघ से जुड़े एक वरिष्ट पदाधिकारी ने नाम ना खोलने की शर्त पर बताया कि खनन के खेल में प्रदेश सरकार के वरिष्ट मंत्री शामिल हैं जिनकी शिकायत पूर्व में भाजपा-संघ के वरिष्ट अधिकारियों से की गई थी। बल्कि एक दूसरे वरिष्ट मंत्री ने भी पूर्व में पुलिस-प्रशासन पर दबाब बनाकर खनन को रूकवाया गया था।

संघ पदाधिकारियों की मानें गत दिवस संघ की अलग-अलग हुई बैठकों में भी अवैध खनन के बारे में वरिष्ट अधिकारियों को अवगत कराते हुए ग्रामीणों में व्याप्त असन्तोष सवगत करा दिया गया है। जिसपर उचित कार्यवाही का भरोसा दिया गया है। जानकार सूत्र बताते हैं कि कुछ माह पूर्व ठेकेदार द्वारा दालवाटी का आयोजन किया था जिसमें मंत्री के परिजनों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भी भाग लिया था जिससे अवैध खनन का कार्य युद्ध स्तर पर होता है। जिससे योगी सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।