मथुरा में सजती है ‘दुल्हन’ की मण्डी

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मथुरा। अभी तक आपने अनाज, सब्जी, पशुओं की मण्डी के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन मथुरा में सब्जी- अनाज मण्डी के साथ-साथ दुल्हनों की मण्डी भी सजती है जहां उम्र और चेहरे के हिसाब से दुल्हनों की बोली लगती है फिर औपचारिक रूप से शादी की रस्म होती है। लेकिन ये दुल्हनें चन्द दिनों की मेहमान बनकर लाखों के जेवरात समेट कर रातों-रात उड़न छू हो जाती हैं। अगर इसमें सफलता नहीं मिलती है तो वह अपहरण, बलत्कार के मामले में फंसाकर जेल भी भिजवा देती हैं।

देश में घटती लड़कियों की संख्या के चलते युवाओं की शादी का संकट गहराता जा रहा है जिसका अपराधिक किस्म के लोग शादी के बहाने लोगों को ठगने के साथ-साथ लूटने में भी लगे हैं। यही कारण है कि दुल्हनों की बढ़ती मांग को लेकर मथुरा की अनाज-मण्डी भी खुलेआम सजती है। दुल्हनों का कारोबार करने वाले लोग जहां सब्जी-अनाज मण्डी में वैसे तो दिखावे के तौर पर मजदूरी करते हैं लेकिन हकीकत में मण्डी में आने वाले लोगों में वह ऐसे ग्राहक तलाशते हैं जो स्वयं या अपने भाई-बेटों, रिश्तेदारों के युवाओं की शादी ना होने से परेशान होते हैं। वह उनके चंगुल में फंस जाते हैं। जिन्हें अनाज मण्डी सौंख रोड़ के दूसरे गेट के सामने गली के अन्दर से जाया जाता है जहां 15 साल से लेकर 30 साल की कथित दुल्हनें सजी-धजी तैयार मिलती हैं। जिसमें दुल्हन की कीमतें उम्र एवं चेहरा के हिसाब से एक से पांच तक की बोली लगने के बाद रिश्ता तय हो जाता है और आनन-फानन में किसी मन्दिर देवालय में शादी की रस्में पूरी होने के बाद दुल्हनें अपनी ससुराल पहुंच जाती हैं जहां सुहागरात से लेकर सभी औपचारिकताऐं पूरी होने के बाद रिश्तेदार आदि विदा हो जाते हैं ‘‘वहीं दूसरी तरफ दुल्हन अपने कथित पति एवं परिजनों को दूध, चाय, भोजन आदि में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाने-पिलाने के बाद बेहोशी की हालत में गहने-जेवरात, नगदी कपड़े आदि समेट कर रातों-रात रफू-चक्कर हो जाती हैं।

ठगी का शिकार परिवार लोक-लाज की शर्म की वजह से कानूनी कार्यवाही नहीं करता है। अगर वह करने की हिम्मत भी जुटाता है तो पुलिस कार्यवाही करने को तैयार नहीं होती है, अगर पीड़ित जैसे-तैसे रिपोर्ट दर्ज कराने में सफल भी हो जाता है तो पुलिस आरोपी पक्ष से सांठ-गांठ कर पीड़ित पक्ष के खिलाफ ही अपहरण, बलत्कार का उल्टा मुकद्मा दर्ज कर जेल भेज देती है। इसी तरह का खुलासा पिछले दिनों हुआ जब गांव सरसैना निवासी गजेन्द्र चैधरी पुत्र नबाब सिंह निवासी गांव सरसैना को शादी भरतपुर के एक मन्दिर में गौरी नाम की युवती से 2.50 लाख लेकर हुई। लेकिन जब दुल्हन को भागने का मौका नहीं मिला तो गौरी की मां ने गुम शुदगी की तहरीर वृन्दावन पुलिस में दे दी जहां पुलिस ने नाबालिग का अपहरण कर रेप का मामला गजेन्द्र सिंह उसके बहनोई प्रदीप के खिलाफ दर्ज कर गजेन्द्र को जेल भेजकर दुल्हन को मुक्त करा लिया गया।

इस मामले की शिकायत पीड़ित पक्ष द्वारा एसएसपी मथुरा से की गई तो पीड़ित के रिश्तेदार की शिकायत पर तीन महिला सहित जिसमें एक खुशी नाम की दुल्हन भी थी 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसमें से 5 आरोपी जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ गये हैं। बताते हैं कि इस कारोबार में पुलिस के गठजोड़ की शिकायत पीड़ित के पिता नबाब सिंह ने एसएसपी से करते हुए रमणरेती क्षेत्र के दरोगा सोनू भाटी पर 1.05 लाख की राशि वसूलने का आरोप लगाया था। जांच में शिकायत सही पाये जाने पर पुलिस ने जेल में बन्द गजेन्द्र को रिहा कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन एक माह बाद भी जहां गजेन्द्र रिहा नहीं हो सका। वहीं नबाब सिंह की शिकायत पर भरतपुर में न्यायालय के आदेश पर कथित दुल्हन और उनके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सूत्र बताते हैं कि मथुरा में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पूर्व की तरह प्रतिदिन दुल्हनों की मण्डी सजती है जहां दुल्हन का कारोबार बेरोक-टोक चल रहा है। लेकिन पुलिस और अफसर सब कुछ जानकर भी खामोश हैं।