नगर निगम का कारनामा, मजदूर पर लगा दिया 4.32 लाख का जुर्माना

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मथुरा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे पौधे बेचने वाले एक मजदूर पर अतिक्रमण करने के नाम पर 4.32 लाख का जुर्माना लगायेे जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिस पर मजदूर ने अधिकारियों पर रिश्वत के रूप में 50 हजार रूपये मांगने का आरोप लगाते हुए जुर्माना अदा ना करते हुए जेल जाने की घोषणा की है। संयुक्त नगर आयुक्त ने इस सम्बन्ध में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया है।

मथुरा-वृन्दावन नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अभियान के तहत शनिवार को बीएसए काॅलेज को बाउन्ड्रीबाल के समीप सड़क किनारे पौधे बेचकर जीवन यापन करने वाले रघुवीर सिंह कुशवाह पर सड़क किनारे अतिक्रमण करने के आरोप में 4.32 हजार रुपये का चालान काट दिया। रघुवीर सिंह का कहना है कि वह गरीब मजदूर है जो पौधे बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। पहले नगर निगम द्वारा टैक्स के 5 रूपये प्रतिदिन की वसूली की जाती थी। जिसे बढ़ाकर 10 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया।

मजदूर ने बताया कि इसके बाद नगर निगम अधिकारियों द्वारा दो माह पूर्व उनके 1.20 लाख रुपये के पौधे जब्त कर अधिकारी ले गये। जब वह उन्हें लेने पहुंचे तो मित्तल नाम के अधिकारी ने पौधे वापिस करने के नाम पर 50 हजार की मांग की थी। पौधे विक्रेता का कहना है कि अगर वह 50 हजार की रिश्वत देने में सक्षम होता तो वह फुटपाथ पर पौधे ना बेच रहा होता। उसने 4.32 लाख के जुर्माना लगाने पर कहा कि उस पर इतनी रकम कहां से आयी। बड़े-बड़े नेता अधिकारी जेल जाते हैं वह भी जेल चला जायेगा। उसे ऐसे ही रोटी यहां खानी है वैसे ही जेल में रोटी खा लेगा। लेकिन जुर्माना अदा नहीं कर पायेगा। इस सम्बन्ध में अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे सहायक नगर आयुक्त डी.के. सिंह का कहना है कि पहले भी अतिक्रमण कारियों को चेतावनी दी गई थी लेकिन कोई ध्यान ना देने पर जुर्माना की कार्यवाही की गई है। इस मामले में सुंयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार ने ‘‘विषबाण’’ द्वारा मजदूर पर 4.32 लाख का जुर्माना लगाये जाने के बारे में जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पूर्व में 50 हजार की रिश्वत मांगने के मामले पर कहा कि ऐसे लोग सड़क पर अतिक्रमण करते हैं फिर उल्टे सीधे आरोप लगाते हैं।

एक तरफ नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण करने पर मजदूर पर 4.32 लाख का जुर्माना लगा दिया गया। वहीं दूसरी तरफ कृष्णा नगर में प्रमुख व्यवसाई विनोद कसेरे के मुकन्द रिसोर्ट पर अवैध कब्जे की ध्वस्त करने के आदेश का प्रशासन पालन नहीं कर सका है। जबकि तमाम होटल एवं मैरिज होम संचालकों द्वारा पार्किंग की व्यवस्था ना किये जाने पर वाहनों की पार्किंग सड़क पर की जा रही है जिससे आये दिन यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। तमाम आदेशों के बाद भी आजतक होटल एवं मैरिज होम संचालकों द्वारा पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क किनारे मजदूर पर लगाये गये भारी भरकम जुर्माने को लेकर नगर निगम अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है।