मोल की दुल्हन का खेल, पुलिस की बल्ले-बल्ले, दुल्हे को जेल

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मथुरा। आम आदमी की मामूली सी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये जनपद में पीड़ित आत्मदाह-जहर खाकर थानों में मरने पर मजबूर हो रहे हैं। लेकिन अपराधी तत्व पुलिस से गठजोड़ कर निर्दोश लोगों को बलात्कार जैसे संगीन अपराध में जेल भिजवा रहे हैं बल्कि पुलिस भी लाखों के वारे-न्यारे करने में पीछे नहीं है।

ऐसा ही मामला वृन्दावन पुलिस का सांठ-गांठ कर पहले तो शादी के नाम पर ढ़ाई लाख की ठगी की फिर पुलिस से गठजोड़ कर गुमशुदगीकी तहरीर को अपहरण, बलात्कार में दर्ज कर निर्दोशों से पहले लाखों की वसूली की फिर पीड़ित को बलत्कार के आरोप में जेल के सीखचों में भेज दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तमाम दावों के बाबजूद भी पुलिस पीड़ितों की सुनवाई नहीं कर रही है जिससे त्रस्त होकर सुरीर कोतवाली में जोगेन्द्र ठाकुर एवं उसकी पत्नी चन्द्रवती पैट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर चुके हैं वहीं गत दिवस राया थाना समाधान दिवस में उत्पीड़न से त्रस्त सुन्दर सिंह ने पुलिस द्वारा सुनवाई ना करने से त्रस्त होकर जहर खाकर अपनी जान गंवा दी। जिसके बाद उत्पीड़न करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने जेल भेज दिया।

एसएसपी शलभ माथुर द्वारा घटना का खुलासा, देखें वीडियो…

एक तरफ पुलिस पीड़ितों की सुनवाई नहीं कर रही है दूसरी तरफ वृन्दावन पुलिस का रोचक कारनामा सामने आया है जहां लाखों की रकम लेकर शादी कराने वाले गैंग द्वारा भरतपुर (राजस्थान) निवासी गजेन्द्र चैधरी पुत्र नबाब सिंह के साथ 8 मई 2019 को अखड्ड मन्दिर भरतपुर में सम्पन्न करा दी। जब नई दुल्हन को गजेन्द्र सिंह के चंगुल से भागने का मौका नहीं मिला तो युवती की मां ने प्रेम मन्दिर के सामने से लापता होने की गुमशुदगी की सूचना वृन्दावन पुलिस को दी।

जिसमें पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना को धारा 363 के अन्तगर्त अपहरण में दर्ज कर दिया गया। इसके बाद रमणरेती चौकी प्रभारी सोनू भाटी ने गजेन्द्र के भाई देवेन्द्र से मोबाइल फोन पर सम्पर्क कर कहा कि लड़की की मां ने तुम्हारे भाई के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी है। जो शादी के नाम पर ठगी का काम करते हैं।

चौकी प्रभारी ने देवेन्द्र से कहा कि गजेन्द्र से कह देना वह उससे मिलकर बात कर ले। उधर गजेेन्द्र के परिजनों ने जिस लड़की के साथ शादी की उसका रजिस्टर्ड शादी बन्धन पत्र के साथ आयु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। दूसरी तरफ वृन्दावन पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए गजेन्द्र के पिता नबाब सिंह ने थाना सेवर पुलिस को तहरीर देकर शादी के नाम पर डेढ़ लाख की ठगी एवं एक लाख और मांगने तथा ब्लैक मेल का आरोप लगाते हुए 14 मई 2019 को तहरीर दी लेकिन मुकद्मा दर्ज नहीं हो सका।

मोल की दुल्हन जिसने शादी के बाद पति के साथ खुशी जाहिर का वीडियो….

दूसरी तरफ चौकी प्रभारी द्वारा गजेन्द्र के छोटे भाई राजू चैधरी को पकड़ लाये जिसे परिजनों ने 10 हजार देकर जैसे-तैसे छुड़ाया। इसके कुछ दिन बाद गजेन्द्र के बहनोई प्रदीप को हिरासत में ले लिया गया जिसे पांच दिन बाद 50 हजार लेकर छोड़ा गया। इसके बाद चोकी प्रभारी द्वारा नबाब सिंह से एक लाख की मांग करते हुए मामला रफा-दफा करने के लिये कहा।इस पर नबाब सिंह कुछ लोगों के साथ गजेन्द्र सिंह एवं नव दुल्हन को लेकर कोतवाली पहुंचा और एक लाख के साथ गजेन्द्र एवं नव विवाहिता को 22 जुलाई को चौकी प्रभारी सोनूभाटी को सौंप दिया। इसके बाद नबाब सिंह को वापिस भेज दिया। लेकिन गजेन्द्र को छोड़ने के स्थान पर 24 जुलाई 2019 को कथित दुल्हन के 164 के ब्यान न्यायालय में दर्ज कराकर गजेन्द्र एवं उसके बहनाई प्रदीप के बलात्कार एवं पाक्सो एक्ट में ब्यान दर्ज कराकर गजेन्द्र को 27 जुलाई को भेज दिया गया।

दरोगा सोनू भाटी एवं गजेन्द्र के भाई से बातचीत के अंश… Audio….

शादी गैंग एवं पुलिस उत्पीड़न से नबाब सिंह सौंख निवासी दूर के रिस्तेदार हरेश चैधरी को लेकर एसएसपी मथुरा शलभ माथुर से मिला और सोनू भाटी द्वारा वसूली गई राशि का हवाला देते हुए पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की गई। जिस पर एसएसपी द्वारा पूरे मामले की गोपनीय जांच कराने के बाद गिरोह की गिरफ्तारी के आदेश दिये जिसमें एसपी सिटी असोक मीना के नेतृत्व में चलाये गये छापामार अभियान में पुलिस ने 27 सितम्बर 2019 को गिरोह के लाखन पुत्र जालिम, निवासी हसैला नगला बंजारा थाना अछनेरा आगरा रामवीर पुत्र करन सिंह निवासी मधुवन थाना डींग, जय प्रकाश उर्फ राम निवास पुत्र हरिश्चन्द निवासी मवीपुर थाना कोसीकलां, गिर्राज पुत्र हरी सिंह नविासी नन्दनवन काॅलोनी हाथरस, मीरा देवी पत्नी मुकेश कुमार निवासी नन्दनवन काॅलोनी हाथरस, उषा पत्नी बलवीर निवासी ककरऊ कोठी फिरोजाबाद खुशी राणा पुत्री गुल्लु निवासी बुद्धबिहार बजीरा बाद दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि दान सिंह पुत्र टुण्डा, निरंजन पुत्र ग्यासी, ओम प्रकाश पुत्र महेन्द्र सिंह निवासीगण सहजुआ थोक सौंख थाना मगोर्रा मथुरा को फरार होना दर्शाया गया।

इस पूरे मामले में वृन्दावन पुलिस की ही नहीं वरिष्ट पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली कटघरे में है। जिसमें वृन्दावन पुलिस ने गुमशुदगी की तहरीर को अपहरण में दर्ज किया बल्कि ये जानते हुए भी गुमशुदा लड़की शादी के नाम पर ठगी-लूट की घटनाओं को अंजाम देती है के बाबजूद भी गजेन्द्र एवं उसके बहनाई विरूद्ध बलात्कार का मामला दर्ज कर गजेन्द्र को जेल भेज दिया गया। बल्कि उसके भाई राजू और बहनोई प्रदीप को छोड़ने के बदले मोटी रकम वसूली गई। जिसके बाद भी प्रदीप को मामले में नामजद कर दिया गया। जबकि दूसरी तरफ जिस लड़की से गजेन्द्र की शादी कराई गई उसे और उसकी माँ एवं कथित मौसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। हालांकि वरिष्ट पुलिस अधीक्षक ने गजेन्द्र को रिहा कराने का परिजनों को भरोसा दिया है। लेकिन ना तो अभी तक गजेन्द्र सिंह जेल से रिहा हुआ है और ना ही इस गैंग द्वारा रची गई शादी की पटकथा लिखने वाले रमणरेती चौकी के कार्यवाहक प्रभारी सोनू भाटी के खिलाफ ना तो विभागीय कार्यवाही कर उसे चौकी से हटाया गया है। देखना होगा कि आने वाले वक्त में पीड़ित गजेन्द्र जेल से रिहा होकर सकून की जिन्दगी जीता है या फिर पुलिस और गैंग के गठजोड़ की साजिश का शिकार होता है। देखना ये भी होगा कि कथित नव विवाहित एवं उसकी मां एवं मौसी कानून के शिकजें में फंसती है या फिर अपने ठगीे के कार्यों को अन्जाम देती रहेगी।

इस सम्बंध में कार्यवाहक रमणरेती वृन्दावन चौकी प्रभारी सोनू भाटी से ‘‘विषबाण’’ द्वारा सम्पर्क किया तो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। जबकि एसपी सिटी असोक मीना से कई बार सम्पर्क करने के बाद सम्पर्क करने के बाद सम्पर्क नहीं हो सका।

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