‘लाला’ के प्राकट्य पर भोर तक आनंद मनाते रहे कृष्णभक्त

0
138

वृंदावन। ठा. श्रीप्रियाकान्तजू मंदिर पर देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में परमावतार के प्राकट्य दिवस का उल्लास मनाते नजर आये। महाराज देवकीनंदन ठाकुर के साथ रात्रि 9 बजे प्रारंभ हुआ। कन्हैया का उत्सव मध्य रात्रि अभिषेक के पश्चात भी देर तक चलता रहा। शांति सेवा सभागृह के साथ ही पूरा मंदिर प्रांगण कृष्ण भक्तों से भरा हुआ था। मधुर भजनों पर नाचते भक्तों ने नंदलाल के आगमन पर खूब लाड़ लुटाया।
श्रीकृष्ण जन्म के इंतजार में जैसे-जैसे रात्रि 12 बजे का समय समीप आता गया। वैसे ही महोत्सव में शामिल भक्तों का उत्साह बढ़ता जा रहा था। प्रियाकान्तजू मंदिर गर्भगृह में विप्रजनों ने मंगल श्लोक के साथ शंखनाद एवं घंटे बजाकर भगवान के प्राकट्य का उद्घोष किया। भक्तों ने ‘नंद के आनंद भये-जय कन्हैया लाल की’ और राधे-राधे के स्वरों से इन अनमोल क्षणों को अपने हदृय में समेट लिया। देवकीनंदन महाराज के साथ मंदिर सेवायत पुजारियों ने बाल विग्रह का विधिविधान पूर्वक पंचाभिषेक किया। सभी कृष्ण भक्तों के द्वारा महाआरती की गई।
शांति सेवा सभागृह में देवकीनंदन महाराज ने श्रीकृष्ण की 16 कलाओं का वर्णन करते हुये कहा कि श्यामसुन्दर की हर कला कल्याण करने वाली है। कन्हैया का जन्म निराशा और अन्याय के अंधेरे में न्याय की आशा का सूर्योदय होने जैसा है। भगवान अपने भक्तों के लिये हर युग में अवतार लेते हैं। श्रीकृष्ण परमावतार हैं।


कुछ इस तरह सजाए गए प्रियाकान्तजू सरकार
मंदिर में विराजमान प्रियाकान्तजू युगल जोड़ी को जन्माष्टमी पर विशेष रूप से सजाया गया था। बाल विग्रह अभिषेक के पश्चात कन्हैया को सोने का मुकुट, लकुट व् बंशी धारण कराई गई। विभिन्न सुगंधित पुष्पों से गर्भगृह को सजाया गया था। वहीं युगलजोड़ी को विशेष रूप से तैयार पोशाक धारण करायी। रंगबिरंगी लेजर लाइटों से कमलपुष्प रूपी मंदिर अद्भुत आभा बिखेर रहा था।
कान्हा के जन्म के बाद मनाया नंदोत्सव
लाला के जन्म के पश्चात पुनः एक बार देवकीनंदन महाराज मंच पर आए। इसके बाद नंदोत्सव आरम्भ हुआ। कान्हा के जन्म की खुशी में भक्तों के बीच खिलौने, वस्त्र, मिठाई, फल, मेवा लुटाए गए।‘जियो श्याम लाला, जियो श्यामलाला-पीली तेरी पगड़ी रंग काला’, कोई पीवे संत सुजान-नाम रस मीठा है’ जैसे भजनों पर भक्त झूमते रहे। भक्तों का यह उल्लास भोर में मंगला आरती तक चलता रहा। महोत्सव का प्रारंभ बाल कलाकार चिंकी वर्मा द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री, अरुण जेटली के निधन पर सभी ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर रवि रावत, सुरेश चंद्र गोयल, मोहिनी देवी, श्यामसुंदर शर्मा, एचपी अग्रवाल, दिनेश शर्मा, इंद्रेश शरण, चंद्रप्रकाश, राजेश सिंह, राहुल पांडेय आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।