संस्कृति विभाग और कलाकारों के लिए वरदान बना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव……

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को भव्य रुप देने और विश्व स्तर पर इसे पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस बार मथुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। शहर भर में करीब 250 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण से परिचित कराया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रमों में स्थानीय और बाहरी करीब 1 हजार कलाकार प्रतिभाग करेंगे। यह कार्यक्रम कलाकारों के साथ उप्र संस्कृति विभाग के लिए भी वरदान साबित होने जा रहा है।
योगी सरकार द्वारा अयोध्या में श्रीराम नवमी मनाने की तर्ज पर भगवान श्रीकृष्ण की भूमि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को भव्यता से मनाए जाने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर खरा उतरने के लिए प्रशासन, नगर निगम और संस्कृति विभाग जुटे हुए हैं। 3 दिवसीय इस कार्यक्रम के अंतर्गत 24 अगस्त को मुख्य कार्यक्रम में स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे और कार्यक्रमों के गवाह बनेंगे। तीन दिवसीय यह कार्यक्रम 23, 24 और 25 अगस्त तक चलेंगे। यह अपने आप में एक बड़ा आयोजन माना जा रहा है। इस कार्यक्रम को संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। 23 अगस्त को करीब 1000 कलाकारों द्वारा शोभायात्रा निकाली जाएगी। साथ ही शहर में करीब 250 स्थानों पर मंच के माध्यम से सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें नौटंकी, लोकगीत, भजन, चरकुला नृत्य, रासलीला, मयूर नृत्य, ब्रज की होली आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। इनमें ब्रज के ही 1 हजार से अधिक कलाकार 250 से अधिक स्थानों पर तीन दिन तक अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।
यह भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देश विदेश में कितनी छाप छोड़ पाएगा। यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन यह महोत्सव प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के साथ स्थानीय कलाकारों के लिए कुबेर का खजाना साबित हो रहा है। बताते हैं कि शासन द्वारा तैयार कराए गए मंचों के लिए कलाकारों की व्यवस्था करने के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद् की जिम्मेदारी थी। इसमंे कलाकारों के चयन के लिए पद्मश्री मोहनस्वरुप भाटिया से संपर्क स्थापित कर जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन जब तक श्री भाटिया चयनित कलाकारों की सूची परिषद् को सौंप पाते, उससे पहले ही ब्रज तीर्थ विकास परिषद् से यह जिम्मेदारी लेकर उप्र संस्कृति विभाग को दे दी गई। ब्रज के प्रमुख कलाकारों गीतांजलि शर्मा, वंदना सिंह, मुरारीलाल शर्मा को मुख्यमंत्री के सामने रामलीला मैदान पर बने बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का मौका दे रहा है। इसमें ब्रज के कलाकारों को उनके कद के हिसाब से 20 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक फीस अदा की जा रही है। इस संबंध में कुछ कलाकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लखनऊ के एक वरिष्ठ अधिकारी की सांठगांठ से कुछ दलाल किस्म के लोगों द्वारा कलाकारों के चयन के नाम पर 3-3 हजार रुपए की वसूली की जा रही है। इसमें संस्कृति विभाग द्वारा प्रत्येक टीम को 20 हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में एक वरिष्ठ कलाकार का कहना है कि संस्कृति विभाग के कुछ अफसरों द्वारा ब्रज के बड़े कलाकारों को अपमानित किया जा रहा है। इसमें मुख्य मंच पर कई प्रमुख कलाकारों को वंचित कर उन्हें चैराहों-बाजारों में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए मामूली से भुगतान पर मजबूर किया जा रहा है। कहना है कि पूर्व में भी ब्रज के कलाकारों के साथ संस्कृति विभाग के अफसरों द्वारा भेदभाव कर बाहरी कलाकारों को प्राथमिकता दी जाती रही है। कलाकारों का कहना है कि दलालों द्वारा हो रही वसूली की यदि उच्चस्तरीय जांच हो तो यह घोटाला सामने आ सकता है। इस संबंध में संस्कृति विभाग के अधिकारियांे से वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।