भाजपा विधायक के कोल्ड स्टोर से किसान का आलू हुआ गायब, देना होगा भुगतान

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मथुरा। किसानों और गरीबांे की आवाज बुलंद करने और उन्हें न्याय दिलाने का वादा कर विधायक बनने वाले जनपद के एक विधायक के कोल्ड स्टोर में किसान द्वारा रखे गए आलू के बोरे किसान को वापस नहीं किए गए। जब किसान ने बोरों के लिए तगादा किया तो कोल्ड स्टोर संचालक ने बोरों में रखे हुए आलू खराब होने का बहाना करते हुए क्षतिपूर्ति करने का आश्वासन दिया। आश्वासन देने के बाद भी किसान को आलू की कीमत अदा नहीं की गई। साथ ही किसान द्वारा उप्र उपभोक्ता कल्याण परिषद् में दायर शिकायत पर कोल्ड स्टोर प्रबंधन ने अपनी ऊंची पहुंच के चलते गलत तथ्य प्रस्तुत कर शिकायत का निस्तारण करा दिया। परेशान किसान ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया। उपभोक्ता फोरम ने कोल्ड स्टोर संचालक को किसान के गायब आलू के बोरों की कीमत एवं वाद व्यय अदा करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बरारी के निकट बलदेव के भाजपा विधायक पूरन प्रकाश का भगवान कन्हैया शीतगृह प्राईवेट लिमिटेड नाम से कोल्ड स्टोर है। इसके डायरेक्टर उनके पुत्र एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य पंकज प्रकाश हैं। इस कोल्ड स्टोर में वर्ष 2010 में आगरा की तहसील किरावली के कस्बा रुनकुता निवासी मुकुट सिंह वर्मा पुत्र बाबू सिंह ने 142 आलू के बोरे रखे थे। इसके साथ ही उसके पुत्र मुकेश कुमार ने भी कोल्ड स्टोर में करीब 1003 आलू के बोरे जमा कराए थे। इस तरह मुकुट के कुल 1145 बोरे कोल्ड स्टोर में रखे थे। जब मुकुट ने बोरे वापस मांगे तो उसे केवल 111 आलू के बोरे ही वापस किए गए। शेष आलू के बोरे वापस नहीं किए गए। इसका कारण बताया गया कि आलू खराब हो गए। हालांकि आलू की कीमत की क्षतिपूर्ति करने का वादा किया गया, लेकिन बाद में मुआवजा नहीं दिया गया। इससे परेशान होकर मुकुट सिंह ने उप्र उपभोक्ता कल्याण परिषद् में शिकायत दर्ज कराई लेकिन यहां गलत तथ्य प्रस्तुत कर कोल्ड स्टोर ने शिकायत का निस्तारण करा दिया। इसके बाद परेशान मुकुट सिंह वर्मा ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। इसमें कोल्ड स्टोर की तरफ से मौजूद अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि मुकुट ने सिर्फ 142 आलू के बोरे जमा कराए थे। इनमें से 111 बोरे वापस कर दिए गए। जबकि शेष 1003 बोरे उसके पुत्र मुकेश ने जमा कराए थे। मुकेश ने आलू के बोरे की क्षतिपूर्ति के लिए कोई क्लेम नहीं किया है। ऐसे में मुकुट द्वारा प्रस्तुत किया गया सभी आलू के बोरों का क्लेम गलत है। इस दलील को जिला उपभोक्ता फोरम ने मान लिया। इसके बाद फोरम के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह एवं सदस्य सूफिया अशरफ ने निर्णय दिया गया कि किसान मुकुट सिंह वर्मा द्वारा सिर्फ 142 आलू के बोरे ही जमा कराए गए थे। इनमें से 111 आलू के बोरे उन्होंने निकाल लिए थे शेष 31 बोरा आलू खराब होने की वजह से उन्हें नहीं दिया जा सका। अतः कोल्ड स्टोर संचालक द्वारा किसान को 31 बोरा आलू की कीमत वर्ष 2010 में प्रचलित दर के हिसाब से प्रति बोरा 9300 रुपए 6 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से देनी होगी। साथ ही 3 हजार रुपए वाद व्यय भी देना होगा। शेष आलू के बोरों के लिए उसके पुत्र मुकेश को ही क्लेम प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में विधायक पूरन प्रकाश ने विषबाण को बताया कि उन्होंने करीब 4-5 वर्ष पूर्व ही आगरा की एक पार्टी को कोल्ड स्टोर बेच दिया था। मोबाइल नेटवर्क के खराब होने के चलते उनसे अधिक बातचीत नहीं हो सकी।