श्राइन बोर्ड गठनः एनजीटी में पेश हुए अफसर, शपथपत्र किया दाखिल

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मथुरा। विवादों एवं घोटालों का केंद्र बने गोवर्धन के 3 मंदिरों का श्राइन बोर्ड गठन करने को लेकर एनजीटी में आज हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने शपथ पत्र दाखिल किया। अपर मुख्य सचिव अविनाश अवस्थी पेश हुए और इस दौरान जिलाधिकारी मथुरा सर्वज्ञराम मिश्र वहां मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने सभी 12 बिंदुओं पर शपथ पत्र दाखिल करते हुए श्राइन बोर्ड के मुद्दे को संवेदनशील बताया है। एनजीटी ने अगली सुनवाई के लिए 9 अगस्त तय कर दी है।
गोवर्धन के दानघाटी, मुखारबिंद सहित 3 मंदिरों में हर साल करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है। इसे लेकर आए दिन होने वाले विवाद एवं घोटालों को देखते हुए गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा श्राइन बोर्ड गठन को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। एनजीटी ने श्राइन बोर्ड गठन के लिए सरकार को आदेशित किया था। इस आदेश को उप्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उप्र सरकार को फटकार लगाते हुए एनजीटी में ही अपना पक्ष रखने के आदेश दिए। एनजीटी में इस मामले में आज सुनवाई थी। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने बताया कि एनजीटी में न्यायाधीश रघुवेंद्र सिंह राठौड़ व सत्यवान सिंह गर्ब्याल की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुई वरिष्ठ अधिवक्ता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पिंकी आंनद से पूछा कि क्या आपकी सरकार के अपर मुख्य सचिव न्यायालय में उपस्थित हैं? न्यायालय में उपस्थित अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के उपरांत न्यायालय ने श्राइन बोर्ड से संबंधित सभी फाइलों को न्यायालय में जमा करने के लिये आदेशित किया।
याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास व सत्यप्रकाश मंगल के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल शपथपत्र पर ध्यान आकर्षित करते हुए कई त्रुटियों के बारे में अवगत कराया तथा न्यायालय को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में भी एक याचिका दाखिल की गई है। उप्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल याचिका की सुनवाई अब 2 अगस्त को होगी। इस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त की तय की। न्यायधीश रघुवेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि जब तक सर्वोच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई नहीं हो जाती तब तक हमारा कोई भी आदेश करना न्यायोचित नहीं होगा।
गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा दाखिल याचिका में उप्र सरकार के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे ने सभी 17 बिंदुओं पर अपना शपथपत्र दाखिल कर कहा कि सरकार सभी 17 बिंदुओं पर कार्य कर रहा है तथा सभी कार्यों को पूरा करने के लिये कटिबद्ध है। उन्होंने अपने शपथपत्र में कहा कि श्राइन बोर्ड के बेहद संवेदनशील मुद्दा है जिस पर सरकार और गहनता से विचार करना चाहती है।