झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से बिगड़ी महिला की तबियत, पुलिस नहीं दे रही साथ

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मथुरा। जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों के गैर पेशेवर उपचार के चलते पूर्व में कई मरीजों की जिंदगियां समाप्त हो चुकी हैं। इसके बाद भी इनकी दुकानें चिकित्सा विभाग की मिलीभगत से बदस्तूर चल रही हैं। अब बलदेव में एक ऐसी ही घटना सामने आई है। यहां झोलाछाप डॉक्टर के उपचार के चलते एक महिला मरीज की जान पर बन पर आई। डॉक्टर द्वारा लगाए इंजेक्शन से महिला का पूरा शरीर सूज गया और उसकी हालत काफी बिगड़ गई। पुलिस को सूचना देने पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
कस्बा बलदेव के गांव गढ़ी तलफी कंजौली घाट निवासी विनोद कुमार का कहना है कि उसकी पत्नी चंचल देवी की तबियत बीते कई दिनों से खराब चल रही थी। इसके चलते महिला को गांव नगला राधे स्थित डॉ. संदीप के क्लीनिक पर दिखाया गया। यहां उसे दवाएं दे दी, साथ ही तबियत सही न होने पर इंजेक्शन लगाने की बात कही। जब बुखार नहीं उतरा तो चंचल को लेकर डॉक्टर के पास गए। यहां डॉक्टर ने महिला को इंजेक्शन लगा दिया और दवाएं भी दे दीं। इसके बाद मरीज चंचल की तबियत और बिगड़ गई। उसका पेट गुम हो गया, उसे शौच जाने में परेशानी होने लगी। उसका पूरा शरीर सूज गया। वह चक्कर आने के कारण जमीन पर गिर पड़ी। इस पर चंचल को लेकर डॉ. संदीप के पास गए तो क्लीनिक बंद मिला। अगले दिन फिर से क्लीनिक बंद मिला। तो उसे पास के ही एक अन्य क्लीनिक पर प्राथमिक उपचार दिलाया गया। आरोप है कि इसके बाद जब मरीज के परिजन डॉक्टर संदीप के पास पहुंचे और उसे मरीज चंचल की स्थिति के बारे में बताते हुए शिकायत की तो डॉ. ने अभद्रता करते हुए परिजनों से अभद्रता करते हुएवहां से भगा दिया। इस पर परिजनों ने यूपी 100 डायल पर कॉल पर पुलिस कर्मियों को बुला लिया लेकिन पुलिस कर्मियों ने डॉक्टर पर कार्यवाही करने की जगह पीड़ितों को ही वहां से चले जाने के लिए कहा और डॉक्टर के साथ हमदर्दी दिखाने लगे। इससे आहत होकर मरीज महिला चंचल के पति विनोद कुमार ने थाना बलदेव में तहरीर देकर डॉक्टर संदीप एवं उसका साथ देने वाले सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए तहरीर दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है।