फ्लाई ऐश से बनी ईंटों के विरोध में भट्टा एसोसिएशन, होगा आंदोलन

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मथुरा। उप्र ईंट निर्माता समिति एवं ऑल इंडिया फेडरेशन सरकारी विकास एवं निर्माण कार्यां में फ्लाईऐश एवं कंक्रीट की ईंटों के धड़ल्ले से हो रहे उपयोग के विरोध में उतर आई हैं। समिति एवं फेडरेशन की मानें तो फ्लाईऐश एवं कंक्रीट की ईंटें स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं। इससे व्यक्ति को कई प्रकार की गंभीर बीमारियां होने की संभावनाएं बलवती हो जाती हैं। उप्र ईंट निर्माता समिति एवं ऑल इंडिया फेडरेशन ने इन ईंटों के प्रयोग को रोकने के लिए आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है।

संजीव कुमार

उप्र ईंट निर्माता समिति प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला ईंट भट्टा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि आजकल सरकारी ठेकों में प्रयोग हो रही µफ्लाईऐश की ईंटें स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हैं। इन ईंटों का उपयोग सरकारी ठेकों में धड़ल्ले से हो रहा है। बताया कि कई प्रतिष्ठित संस्थानों से इसकी जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि इसका व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसमें कैंसर, दमा की बीमारी आदि की संभावन प्रबल हो जाती है। इनकी लाइफ भी इसकी काफी कम रहती है। साथ ही इन ईंटों के लगातार उपयोग से पुराने ईंट भट्टों पर काफी बुरा असर हो रहा है। उन्हें काम मिलना बंद हो गया है। उनके यहां काम कर रहे सैकड़ों मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं। इससे ईंट भट्टा व्यवसायियों के सामने खाने-कमाने और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त समस्याओं के चलते ही उप्र ईंट निर्माता समिति एवं ऑल इंडिया फेडरेशन के बैनर तले 24 सितंबर को नया आंदोलन होगा। आंदोलन के तहत लखनऊ स्थित ईको गार्डन में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पूरे उप्र के लगभग 18 से 20 हजार भट्टा व्यवसायी शिरकत करेंगे। आंदोलन के दौरान सरकार से मांग रहेगी कि फ्लाई ऐश, कांक्रीट एवं ब्लाक का उपयोग पूर्णतः बंद किया जाए।इनके उपयोग से ईंट भट्टों को काफी नुकसान हो रहा है। निर्माण एवं विकास कार्यां में चिमनी के माध्यम से मिट्टी से निर्मित ईंटों का प्रयोग ही किया जाए। बताया कि यदि इस आंदोलन में सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो इस आंदोलन को पूरे भारत वर्ष में चलाया जाएगा। ताकि सरकार को उनकी मांगे मानने पर विवश होना पड़े।