शह-मात के खेल में सूचना अधिकारी ने मारी बाजी, बुलंदशहर में संभाला चार्ज

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मथुरा। जिला सूचना अधिकारी और जनपद के पत्रकारों के बीच छिड़े शह-मात के खेल में आखिर सूचना अधिकारी बाजी मार ले गए। जिसमें उन्होंने फर्रुखाबाद हुए तबादला निरस्त कराकर बुलंदशहर में सोमवार को चार्ज ले लिया। इससे विरोधी गुट तथा आला अधिकारी हाथ मलते हुए रह गए। सुरजीत सिंह ने 8 जुलाई सोमवार को बुलंदशहर में जिला सूचना अधिकारी का चार्ज संभाल लिया।
तथाकथित पत्रकारों की मान्यता निरस्त करने को लेकर उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एवं जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह के मध्य 5 अपै्रल को जिला सूचना अधिकारी कार्यालय में विवाद हो गया था। आला अधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास किया था लेकिन जिला सूचना अधिकारी द्वारा समझौते से इंकार कर थाना सदर बाजार में कमलकांत उपमन्यु एवं उसके सहयोगी सुरेश पचहरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसके बाद फिर से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा समझौते के काफी प्रयास किए लेकिन जिला सूचना अधिकारी कार्यवाही के लिए अड़े रहे। इसी बीच कमलकांत उपमन्यु द्वारा वर्ष 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार के फर्जी हस्ताक्षर मान्यता कार्ड के नवीनीकरण कार्ड पर करने का मामला सामने आया। इसका खुलासा विषबाण द्वारा किया गया था। इसके आधार पर कुंदन सिंह नामक व्यक्ति ने फर्जी हस्ताक्षर की प्रमुख सचिव एवं डीएम से करते हुए शिकायत करते हुए जांच की मांग की। इसमें डीएम द्वारा सिटी मजिस्ट्रेट को जांच करने के निर्देश दिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने सूचना अधिकारी को जांच सौंप दी। बताते हैं कि सूचना अधिकारी द्वारा कमलकांत उपमन्यु को नोटिस दिया और असली मान्यता कार्ड जमा करने के लिए कहा गया। इसमें कमलकांत उपमन्यु ने अपना पक्ष तो रखा लेकिन अपना असली कार्ड जमा नहीं किया। वरन् कमलकांत उपमन्यु द्वारा जिलाधिकारी को सूचना अधिकारी एवं शिकायतकर्ता के मध्य सांठगांठ बताते हुए जांच की मांग की गई। इसकी जांच एडीएम प्रशासन को दे दी गई। जांच में सूचना अधिकारी और शिकायतकर्ता को नोटिस भेजे गए। सूचना अधिकारी ने एडीएम के समक्ष अपना पक्ष रखा लेकिन शिकायतकर्ता ने आने से इंकार कर दिया। सूत्र बताते हैं कि सूचना अधिकारी द्वारा थाना सदर बाजार में कराई गई रिपोर्ट, शिकायतकर्ता द्वारा फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत की जांच और कमलकांत उपमन्यु द्वारा डीएम से की गई सूचना अधिकारी एवं शिकायतकर्ता की शिकायत की जांच उक्त दोनों ही जांच डीएम द्वारा एडीएम प्रशासन कर रहे थे। सूत्रों की मानें तो दोनों ही जांचों में कमलकांत उपमन्यु का बचाव कर रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई। वहीं थाना सदर बाजार पुलिस की कार्यवाही भी जहां की तहां थम गई। इसके बाद 28 जून को जिला सूचना अधिकारी का तबादला शासन द्वारा फर्रुखाबाद के लिए कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि एक तरफ सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह आगरा में तबादला कराना चाह रहे थे वहीं दूसरी तरफ ताकतवर लोग सुरजीत सिंह को मथुरा से काफी दूर अन्यत्र जनपद में ही स्थानांतरित कराने के लिए प्रयास रत थे। किसी वजह से सूचना अधिकारी का ट्रांसफर आगरा नहीं हो सका तो 29 जून को सूचना अधिकारी ने अपना स्थानांतरण फिर बुलंदशहर के लिए करा लिया। विरोधी गुट ने काफी प्रयास किया कि सूचना अधिकारी का ट्रांसफर बुलंदशहर न होकर फर्रुखाबाद ही रहे लेकिन वह सफल नहीं हो सके। सूत्रों के अनुसार जिला सूचना अधिकारी का स्थानांतरण मथुरा से फर्रुखाबाद कराने में मथुरा के एक कैबिनेट मंत्री की अहम भूमिका रही है। विरोधी गुट ने इस मंत्री की चौखट पर कई दिनों तक हाजिरी लगाई। इसके बाद सूचना अधिकारी का ट्रांसफर हो गया। हालांकि सूचना अधिकारी के गुट के लोगों ने भी बाद में इसी मंत्री से सिफारिशें कराकर सूचना अधिकारी का स्थानांतरण फर्रुखाबाद से बुलंदशहर करा लिया और शह-मात के इस खेल में सूचना अधिकारी और उनके गुट ने विरोधियों को पटखनी दे दी। निवर्तमान जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह ने सोमवार 8 जुलाई को बुलंदशहर में चार्ज ले लिया। दूसरी तरफ विरोधी गुट ने कमलकांत उपमन्यु की शिकायत उच्चस्तर पर करते हुए निष्पक्ष जांच की है। जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह ने विषबाण को फोन पर बात करते हुए बताया कि उन्होंने बुलंदशहर में जिला सूचना अधिकारी का चार्ज ले लिया है।