क्या भूमाफियाओं का शिकार हो गए वृंदावन के महंत बालमुकुंद?

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मथुरा। जनपद में अपराधी बेखौफ होते नजर आ रहे हैं। इसमें अब ताजा मामला वृंदावन के एक महंत का है। महंत के लापता हुए 21 दिन बीतने के बाद भी पुलिस महंत का सुराग नहीं लगा सकी है। इससे संत समाज महंत के अपहरण कर हत्या की आशंका व्यक्त कर रहा है। वहीं इस संबंध में प्रमुख संतों ने मुख्यमंत्री से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर महंत को बरामद कराने की मांग की है।

उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भूमाफियाओं एवं अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का ऐलान जनपद के अपराधियों और भूमाफियाओं में कोई खौफ पैदा नहीं हो रहा है। ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज की जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जे के बाद अब ताजा मामला वृंदावन में सामने आया है। वृंदावन स्थित अटल्ला चुंगी के निकट निम्बार्क पीठ गोपाल बाग के महंत बालमुकुंद शरण शास्त्री 12 जून 2019 को अपने चालक उमेश पाठक के साथ डस्टर गाड़ी यूपी 85 एएम 1717 से सुबह करीब सात बजे आश्रम से निकले थे। इसके 2-3 घंटे बाद चालक उमेश तो आश्रम में वापस आ गया लेकिन महंत नहीं आए। उमेश ने आश्रम में महंत बालमुकुंद के बारे में बताया कि वह दूसरे चालक के साथ हरिद्वार चले गए हैं। आश्रम के सेवक प्रेमबिहारी शरण और दिनेश कुमार अत्री ने बताया कि चालक उमेश 4-5 दिन तक आश्रम के लोगों को इसी तरह गुमराह करता रहा। इसके बाद ड्राईवर उमेश पाठक भी गायब हो गया। जब कई दिन तक महंत की कोई जानकारी नहीं मिली तो 26 जून को वृंदावन कोतवाली में महंत की गुमशुदगी की तहरीर दी गई। 28 जून को एनसीआर में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई। चर्चा है कि महंत के गायब होने में चालक उमेश पाठक का हाथ हो सकता है। उमेश पाठक ने स्वयं को नौहझील के गांव गढ़ी कोलाहर निवासी बताया था लेकिन पुलिस की जांच में यह पता फर्जी पाया गया। चर्चा यह भी है कि चालक के साथ एक महिला भी रहती थी, इस महिला ने एक अन्य आश्रम के महंत पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। सूत्र बताते हैं कि उमेश पाठक के संबंध में एक राजनैतिक पहुंच रखने वाले एक प्रमुख संत के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। वहीं दूसरी तरफ बताते हैं कि लापता महंत बालमुकुंद के आश्रम में एक महिला काफी समय तक रही थी। चर्चा है कि महिला के महंत के साथ नजदीकी संबंध थे। महिला अपना काफी सामान लेकर आश्रम में आ गई थी। वह आश्रम पर काबिज होना चाहती थी लेकिन उसकी दाल नहीं गली तो वह अपना सामान लेकर चली गई। महिला के कई भागवताचार्यां, अफसरों, भूमाफियाओं, राजनेताओं और हाई प्रोफाइल लोगों के साथ अच्छे संबंध बताए जाते हैं। वहीं चर्चा यह भी है कि यही महिला लापता बालमुकुंद की पैरवी में जुटी हुई है।
लापता बालमुकुंद वृंदावन स्थित खटला संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य पद से रिटायर्ड हुए थे। उन्हें हाल ही में कहीं से 20 लाख रुपए की धनराशि मिली थी। इनके पास काफी हीरे, जवाहरात, गहने आदि भी थे। चर्चा है कि अब आश्रम में यह धनराशि और हीरे जवाहरात आदि नहीं है। वहीं आश्रम के पास करीब 2.5 एकड़ जमीन मेन अटल्ला चुंगी चौराहे के नजदीक सड़क पर ही स्थित है। इस जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक की बताई जा रही है। इस जमीन पर विगत काफी समय से भूमाफियाओं की निगाहें टिकी हुई थीं। पूर्व में भी कई बार आश्रम की इस जमीन को हथियाने की कोशिश की गई थी और महंत को कई बार धमकियां भी मिली थीं। महंत बालमुकुंद बदायूं के मई बसई गांव के रहने वाले हैं। इनके भाई रामवीर शर्मा के साथ अन्य परिजन भी गत दिवस वृंदावन आए और इन्हें काफी तलाशने के बाद निराश मन से वापस चले गए। इससे पूर्व गोविंदानंद तीर्थ महाराज का भी उनके वाहन चालक द्वारा ही अपहरण किया गया था। इसमें 1.5 करोड़ की फिरौती वसूली गई थी और करोड़ों रुपए के जेवरात आदि भी अपहरण कर्ताओं द्वारा लिए गए थे। गोविंदानंद तीर्थ महाराज को इसके बाद इस शर्त पर छोड़ा गया था कि उन्हें आश्रम की जमीन का बैनामा अपहरणकर्ताओं के साथ करना पड़ेगा। मुक्त होने के बाद भयभीत गोविंदानंद तीर्थ महाराज ने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। पुलिस ने अपहरणकर्ता गाड़ी चालक सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। गोविंदानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि न्यायालय द्वारा अपहरणकर्ताओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज और गोविंदानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि महंत बालमुकुंदशरण शास्त्री के लापता होने के प्रकरण में वह शुक्रवार को एसएसपी शलभ माथुर से मुलाकात करेंगे। इसके बाद भी कोई संतोषजनक कार्यवाही नहीं हुई तो संत समाज इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सख्त कार्यवाही की मांग करेगा। वृंदावन में संतों और भागवताचार्यों पर महिलाओं द्वारा बलात्कार का आरोप लगाकर करोड़ों की राशि वसूली जा चुकी है साथ ही आश्रमों की जमीनों पर भी कब्जे किए जा चुके हैं। इस तरह के कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं।
वृंदावन कोतवाल संजीव कुमार दुबे ने विषबाण को फोन पर बताया कि मामले में अभी अपहरण की धारा नहीं बढ़ाई गई है। प्रकरण की जांच चल रही है। शीघ्र ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।