मथुरा में इमरजेंसी में 500 से अधिक सेनानी गए थे जेल

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मथुरा। बीएसए इंजीनियरिंग कालेज में लोकतंत्र रक्षक सेनानी समिति द्वारा ‘आपातकाल’ नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाई गई इमरजेंसी के समय को और उस इमरजेंसी में देश में अलख जगाने वाले आरएसएस के कार्यकर्ताओं को याद किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आए राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय, उप्र व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रविकांत गर्ग, पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार, महानगर अध्यक्ष चेतनस्वरुप पाराशर ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सांसद डॉ. स्वामी ने हॉल में उपस्थित लोगों को इमरजेंसी लगाने के कारणों से अवगत कराया। उस समय के अपने संस्मरणों को लोगों के साथ साझा किया। बताया कि उस समय इंदिरा गांधी ने अपने खिलाफ आवाज उठाने वाले जेपी राजनारायण को गिरफ्तार करते हुए इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। कैबिनेट की बैठक से पहले ही राष्ट्रपति से इमरजेंसी के प्रस्ताव पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। कैबिनेट बैठक में तो सिर्फ इसका ऐलान किया गया। बाद में नानाजी देशमुख को भी गिरफ्तार किया गया। देश भर से जाने माने विपक्षी नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया।

बताया कि उस समय करीब 1.40 लाख लोगों को बिना किसी चार्ज के जेल भेजा गया था। जो कि संविधान के साथ खुलेआम मजाक था। इसका विरोध करने पर मेरा पासपोर्ट कैंसिल किया गया। मेरे घर का सामान जब्त कर लिया गया। फरार घोषित किया गया। इंटरपोल नोटिस जारी किया गया। मेरी पत्नी और दो छोटे बच्चों को जमीन पर सोने और खाने के लिए विवश होना पड़ा लेकिन मैंने और मेरे साथियों ने हार नहीं मानी। विदेश जाकर इंदिरा गांधी की इमजरेंसी की पोल खोली। इसके बाद करीब 19 माह बाद इमरजेंसी हटाने के साथ ही आम चुनावों की घोषणा हुई। मैंने भी चुनाव लड़ने का फैसला किया। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल सहित दक्षिण भारत में कांग्रेस जीती लेकिन उप्र में बुरी तरह हारी। यहां तक कि रायबरेली ने भी इंदिरा गांधी को नकारते हुए हरा दिया था। इससे ही पता लगता है कि प्रदेश की जनता उनके इमरजेंसी लगाने के तुगलकी फरमान से कितना नाराज थी। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोकतंत्र रक्षक सेनानी कार्यक्रम में मौजूद रहे।