रुक गया ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज का बाउंड्रीवॉल निर्माण

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मथुरा। ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज की जमीन पर हो रहा बाउंड्रीवॉल निर्माण आखिरकार रुक ही गया। इस जमीन पर हो रहे दीवार निर्माण को लेकर विभिन्न स्तर पर कई लोगों द्वारा शिकायतें की गई थीं। क्रिश्चियन वेलफेयर सोसायटी ने भी इस निर्माण के विरोध में प्रदर्शन किया था। इसके बाद शुक्रवार की सायं को निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।
शहर के प्रमुख चौराहा कृष्णापुरी स्थित ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज की रोड साइड बेशकीमती जमीन पर बीते करीब 10 दिन से निर्माण हो रहा था। इस निर्माण को अवैध बताते हुए डालचंद नाम के व्यक्ति ने डीआईओएस सहित अन्य अधिकारियों से इसकी शिकायत की। कालेज प्रधानाचार्या ने पहले तो इस निर्माण को खेल के मैदान के रुप में विकसित किए जाना बताया। इसके बाद फिर अचानक 12 जून को उन्होंने भी इस निर्माण की शिकायत डीआईओएस से की। इससे उनकी मिलीभगत पर भी सवाल उठने लगे। जानकारी के अनुसार, पूर्व में कुछ लोगों को यह जमीन 83 लाख रुपए में बेच दी गई थी। प्रबंधक बी लाल पर इस जमीन को बेचने के आरोप लगे थे जो कि जांच में सिद्ध हो गए थे। इसके बाद बी लाल को हटाकर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने यहां प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त कर दिया था। जमीन पर हो रहे दीवार निर्माण को लेकर मीडिया ने भी सवाल उठाए। इस पर पहले तो डीआईओएस ने भी निर्माण को गलत बताया लेकिन फिर वह भी इस निर्माण को सही ठहराने लगे। वहीं क्रिश्चियन वेलफेयर सोसायटी भी दीवार निर्माण के विरोध में उतर आई। सोसायटी के उपाध्यक्ष आरके मसीह ने बताया कि यह जमीन चर्च की जमीन है। सरकार और कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि चर्च की जमीन को न तो खरीदा जा सकता है, न बेचा जा सकता है, न लीज पर दिया जा सकता है और न ही यहां निर्माण हो सकता है। इसके बाद भी जमीन को बेचने के बाद अब यहां दीवार निर्माण कराया जा रहा है जोकि गलत है। इसकी शिकायत उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी की। इसके बाद शुक्रवार को मौके पर काफी फोर्स पहुंच गया। यहां हो रहे दीवार निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। इससे क्रिश्चियन वेलफेयर सोसायटी ने राहत की सांस ली है।

वहीं दूसरी ओर कालेज की जमीन पर हो रहे निर्माण की लगातार शिकायतें और इस पर कोई कार्यवाही न होने के चलते जेडी आगरा ने 12 जून को प्राधिकृत नियंत्रक को हटाते हुए फिर से बी लाल को ही प्रबंधक नियुक्त कर दिया। इस संबंध में डीआईओएस केपी सिंह से बात की गई तो उन्हें दीवार निर्माण कार्य रुकने की कोई जानकारी नहीं थी। लेकिन उन्होंने दीवार निर्माण रुकने को सही बताया। कहा कि यह अच्छा हुआ। प्रधानाचार्या रश्मि सिंह ने कहा कि दीवार निर्माण अथवा जमीन बेचने का कोई मामला उनसे संबंधित नहीं है। अतः इसकी जानकारी कालेज प्रबंधक आदि से की जाए। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि यदि आपको कोई मतलब नहीं है तो फिर आपने डीआईओएस ऑफिस में अवैध निर्माण क्यों की है तो फिर वह जवाब नहीं दे सकी। वहीं प्रबंधक बी लाल ने बताया कि प्राधिकृत नियंत्रक हटाए जाने की उन्हें जानकारी तो मिल चुकी है लेकिन अभी तक पत्र नहीं मिला है। वहीं उनके पति और बेटे का स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है तो वह थोड़ा व्यस्त भी हैं। उन्होंने कहा कि जमीन पर हो रहे निर्माण में रवि नाम के व्यक्ति की भी भूमिका है। जब उनसे कहा गया कि इस जमीन को बेचने में आप पर लगे आरोप जांच में सिद्ध हो चुके हैं तो उन्होंने बताया कि उन पर लगे आरोप सही नहीं है। जांच सही तरीके से नहीं की गई थी। उन्होंने जमीन पर दीवार निर्माण होने और उसके रुकने की जानकारी होने से इंकार कर दिया।