उद्योगपति डॉ. विनोद चतुर्वेदी और मनोज पाठक को बैंक का झटका, डिफाल्टर घोषित

0
1262

मथुरा। जनपद के बड़े उद्योगपतियों में शामिल आटा और चावल बनाने वाली कंपनी अशर एग्रो के एमडी डॉ. विनोद चतुर्वेदी और उनके भाई मनोज पाठक को मुंबई की बैक ऑफ बड़ौदा ब्रांच ने डिफॉल्टर घोषित कर पब्लिक नोटिस जारी किया है। इससे पहले कंपनी के एमडी डॉ. विनोद चतुर्वेदी को धोखाधड़ी कर विदेशी बैंक से कर्ज लेने के आरोप में पुलिस गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है।
छाता स्थित अशर एग्रो कंपनी रसोई राजा आटा और एक्सपोर्ट क्वालिटी का चावल तैयार करती है। इसके एमडी डॉ. विनोद चतुर्वेदी पर इंडोनेशिया की पीटी बैंक से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई किश्तों में 17.8 करोड़ का कर्ज लेने का आरोप है। इस आरोप में मुंबई पुलिस उन्हें पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी हैं। अपनी ऊंची पहुंच और रसूख के लिए फेमस डॉ. विनोद चतुर्वेदी और मनोज पाठक पर अब मुंबई की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा ने कार्रवाई करते हुए उन्हें डिफॉल्टर घोषित करते हुए पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है। मनोज पाठक ने वर्ष 2017 के उप्र विधानसभा चुनाव में छाता विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इससे पहले प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी उसकी छाता स्थित कंपनी पर आए थे। इसी ऊंची पहुंच और रसूख के चलते दोनों भाई आसपास के कारोबारियों के साथ मुंबई में भी दबदबा बनाए हुए थे। लेकिन विदेशी बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में पहले डॉ. विनोद चतुर्वेदी जेल गए और अब बैंक ऑफ बड़ौदा ने डिफाल्टर की प्रक्रिया अपनाते हुए पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है। इसमें कंपनी संचालकों को इच्छाशक्ति के साथ डिफॉल्टर होने की बात कही गई है। बैंक की इस कार्यवाही से कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।