केडी मेडिकल कालेजः मरीज के पेट में छोड़ दी कैंची

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मथुरा। नेशनल हाईवे स्थित केडी मेडिकल कालेज के डॉक्टर्स का एक नया कारनामा सामने आया है। डॉक्टर्स ने मरीज का आपरेशन किया और उसके पेट में कैंची ही छोड़ दी। कैंची रह जाने से पीड़ित के पेट में काफी समय से असहनीय दर्द था। उसने जब किसी अन्य चिकित्सक को दिखाया तो पता लगा कि उसके पेट में कैंची रह गई है। पीड़ित ने प्रशासनिक अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।
थाना कोसीकलां निवासी जुग्गा सैनी पुत्र मुन्ना लाल सैनी ने 22 फरवरी 2016 को पेट दर्द होने की शिकायत होने पर केडी मेडिकल कालेज में अपनी बड़ी आंत का आपरेशन कराया था। उसे लगा था कि आपरेशन के बाद उसकी समस्या का समाधान हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ वरन् उसके पेट में अधिक दर्द रहने लगा। उसने पेट में लगातार दर्द बने रहने की शिकायत केडी मेडिकल के चिकित्सकों से की लेकिन डॉक्टर्स ने इसे हल्के में लिया और उससे दवाएं देते रहे लेकिन फिर भी जुग्गा सैनी के पेट का दर्द सही नहीं हुआ। जब उसे असहनीय दर्द से छुटकारा नहीं मिला तो वह कोसीकलां में ही एक अन्य डाक्टर के पास गया। यहां डाक्टर ने जांच करने के बाद पीड़ित का एक्स-रे कराया। एक्सरे रिपोर्ट आई तो डाक्टर के साथ मरीज और उसके परिजन भी हैरान रह गए। एक्सरे इमेज में मरीज के पेट में एक बड़कैंची दिखाई दे रही थी। जो कि संभवतः केडी मेडिकल कालेज में कराए गए आपरेशन के बाद डॉक्टर्स ने उसके पेट में ही छोड़ दी थी। इसके चलते ही पीड़ित का पेट दर्द सही नहीं हो रहा था और वह असहनीय पीड़ा से गुजर रहा था। इस संबंध में उसने पहले तो अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की। जब अस्पताल प्रशासन ने उसकी नहीं सुनी तो पीड़ित ने जिलाधिकारी से शिकायत की। इस संबंध में विषबाण ने पीड़ित से उसके फोन नंबर 8279851686 पर बताया कि केडी मेडिकल कालेज में कराए गए आपरेशन के बाद उसके पेट में कैंची रह गई थी। कालेज प्रबंधन से उसकी वार्ता हो रही है। उन्हें पुनः आपरेशन का आश्वासन दिया गया है। इस मामले में कालेज प्रबंधन से समझौता की वार्ता हो रही है। विषबाण ने अस्पताल प्रबंधन में शामिल अमित शर्मा से उनके फोन नंबर 7088105741 पर वार्ता की तो उन्होंने ऐसे किसी भी मामले की जानकारी होने से इंकार करते हुए एक अन्य अधिकारी अरुण अग्रवाल से बात करने के लिए कहा। जब अरुण अग्रवाल से उनके मोबाइल नंबर 9897303796 पर वार्ता की गई तो उन्होंने भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि वह सिर्फ कालेज की एकेडमिक गतिविधियां देखते हैं। अस्पताल की गतिविधियों से उनका कोई मतलब नहीं है। यह कहकर उन्होंने भी फोन कट कर दिया।