सूरत हादसे के बाद जागे अधिकारी, मथुरा के कोचिंग सेंटरों का होगा निरीक्षण

0
271

मथुरा। गुजरात के सूरत स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भयावह हादसे के बाद मथुरा के प्रशासनिक अधिकारी भी सबक लेते हुए अपनी कुंभकर्णी नींद से जाग गए हैं। डीआईओएस ने मथुरा जनपद के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण करने के लिए उन्होंने 11 सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें टीम में सभी राजकीय कालेजों के प्रधानाचार्य शामिल हैं। यह टीम विभिन्न बिंदुओं पर कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेगी।


सूरत स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भयानक आग एवं चौथी मंजिल से कूदने के कारण वहां शिक्षक समेत करीब 20 छात्र-छात्राओं की मौत हो गई तो कई अभी भी अस्पताल में अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। अन्य कई को गंभीर चोटें आई हैं हालांकि वह खतरे से बाहर हैं। उक्त कोचिंग सेंटर में आग से निपटने अथवा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई भी आवश्यक इंतजाम नहीं थे। यही कारण रहा कि आग लगते ही जल्द फैल गई और आग ने कोचिंग में अपना भविष्य बेहतर बनाने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य ही लील लिया। मथुरा में भी सैकड़ों ऐसे कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं जहां आग अथवा किसी भी अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम नहीं हैं। न ही इन कोचिंग सेंटरों पर कभी किसी भी प्रशासनिक/शिक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया है। इसके चलते यह धड़ल्ले से बेखौफ अपनी कक्षाएं चला रहे हैं। सूरत में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मथुरा के शिक्षा/प्रशासनिक अधिकारियों की नींद खुल गई है। डीआईओएस केपी सिंह ने जनपद के सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करने के लिए डीआईओएस द्वारा 11 सदस्यीय टीम का गठन करते हुए उन्हें क्षेत्र भी सौंप दिए गए हैं। इनमें जीआईसी मथुरा के प्रधानाचार्य संतोष सारस्वत को मथुरा नगर क्षेत्र, राजकीय उमा विद्यालय फेंचरी के प्रधानाचार्य डॉ. रन सिंह को मथुरा ग्रामीण, राजकीय भारतीय इंटर कालेज अडींग के प्रधानाचार्य निनुआ राम चौहान को गोवर्धन, राजकीय उमा विद्यालय विबावली के प्रधानाचार्य संदेश कुमार को मांट, राजकीय उमा विद्यालय सांचौली के प्रधानाचार्य छीतर सिंह शास्त्री को नंदगांव, राजकीय उमा विद्यालय तुमौला के प्रधानाचार्य एमपी बेनीवाल को छाता, राजकीय उमा विद्यालय स्यारहा के प्रधानाचार्य अजीत सिंह को चौमुहां, राजकीय उमा विद्यालय झुड़ावई के प्रधानाचार्य बच्चू सिंह को फरह, राजकीय उमा विद्यालय पचहरा की प्रधानाचार्या शारदा मिश्रा को नौहझील, राजकीय उमा विद्यालय दघेंटा के प्रधानाचार्य डॉ. अखिलेश यादव को बलदेव और राजकीय उमा विद्यालय बिसावली के प्रधानाचार्य गौरीशंकर को राया के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है। डीआईओएस केपी सिंह ने बताया कि मथुरा में काफी कोचिंग सेंटरों के बारे में जानकारी मिली है कि वह बिना पंजीकरण, बिना अग्निशमन उपकरण एवं अन्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए जर्जर भवन तक में संचालित हो रहे हैं। यह कोचिंग सेंटर शिक्षा माफियाओं द्वारा सिर्फ और सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए किए जा रहे हैं। इनका निरीक्षण करने के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि सभी कोचिंग सेंटर संचालक अपने-अपने सेंटर का पंजीकरण करा लें और अग्निशमन यंत्र सहित अन्य सुरक्षा मानक पूरे कर लें। यदि निरीक्षण के दौरान कमियां पाई गई तो कोचिंग संचालक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए एफआईआर भी कराई जाएगी।