चुनाव का थमा शोर, सड़क निर्माण के घपलों ने पकड़ा जोर

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मथुरा। कस्बा मांट के निकट मांट ब्रांच गंग नहर की पटरी पर 46 किमी लंबाई की डाबर सड़क का सिंचाई विभाग द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था यूपीसीएल द्वारा सड़क में लगाई जा रही सामग्री में मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।


मांट ब्रांच गंग नहर किनारे करीब 46 किमी की डाबर सड़क का निर्माण लगभग 7.50 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। इससे स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान हैं। इसकी शिकायत कई बार ग्रामीणों ने पीडब्लूडी अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से भी की है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। आक्रोशित लोगों ने सड़क निर्माण का काम दो दिन बंद भी करा दिया था लेकिन काम फिर से शुरु हो गया है। गांव ककरारी के प्रधान लेखराज का कहना है कि सड़क निर्माण में जहां घटिया सामग्री लगाई जा रही है वहीं तारकोल के स्थान पर काला तेल इस्तेमाल हो रहा है। इससे सड़क की गुणवत्ता दोयम दर्जे की हो रही है। यह सड़क पहली ही बरसात नहीं झेल पाएगी और टूट जाएगी। इसके बाद इसमें गड्ढे हो जाएंगे जोकि दुर्घटना का कारण बनेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर उचित कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया है।


वहीं दूसरी ओर टैंटीगांव से कराहरी मार्ग निर्माण में भी घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लग रहा है। यहां बन रही सड़क में भी तारकोल के स्थान पर काले तेल का ही उपयोग किया जा रहा है। इसे लेकर जब स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिकायत की तो कुछ दिन तो डाबर की मात्रा बढ़ा दी गई लेकिन अब फिर से उसी घटिया सामग्री का ही उपयोग सड़क निर्माण में किया जा रहा है। दोनों ही मामलों में उच्चाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं ग्रामीण स्थानीय नेताओं और अधिकारियों की सेटिंग गेटिंग की बात भी कह रहे हैं।