भाजपा की जीत पर घमासान, हुई जूतमपैजार, छिड़ा सोशल मीडिया वार

0
665

मथुरा। लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा प्रत्याशी हेमामालिनी की भारी जीत के लिए भले ही मोदी का नाम और काम अधिक जिम्मेदार हो। लेकिन मथुरा में हेमामालिनी की जीत का श्रेय लेने के लिए जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक घमासान मचा हुआ है। वहीं कार्यकर्ताओं में ऐसी जूतमपैजार हो रही है कि वह आपस में लड़कर ही लहूलुहान हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर नेताओं के समर्थक आपस में जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए एक दूसरे पर कीचड़ उछालते दिख रहे हैं। जिससे अनुशासित कही जाने वाली भाजपा की लड़ाई अब खुले मैदान में होती दिखाई दे रही है। जिस पर पर्दा डालने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता जुट गए हैं।


लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही भाजपा प्रत्याशी हेमामालिनी और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के समर्थकों के बीच मथुरा में टकराव आरंभ हो गया था। हेमामालिनी की टिकट फाइनल होने के साथ ही यह तनाव अधिक बढ़ गया और कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे भी चले। जानकारी मिलने भाजपा हाईकमान सहित संघ पदाधिकारियों ने इस तनाव को दूर करने के प्रयास किए। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को हेमामालिनी के नामांकन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्वयं मथुरा आना पड़ा। इसके बाद बाजना मंडल अध्यक्ष के भाई ने हेमामालिनी के एक समर्थक को गोली से उड़ाने तक की धमकी दे डाली। यह तनाव बढ़ता गया लेकिन 18 अपै्रल को मतदान के बाद लगा कि अब सब कुछ सही हो गया है। लेकिन 23 मई को लोकसभा चुनाव का परिणाम जारी होने के साथ ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में गुटबाजी फिर सतह पर आ गई है और घमासान छिड़ गया है। अभी तक पार्टी कार्यक्रमों में नजर आ रहा यह तनाव अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर भी आ गया है। एक बार फिर कार्यकर्ताओं में जूतमपैजार हो रही है। लात घूंसे चल रहे हैं।

तो सोशल मीडिया पर जमकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। हाल ही हेमामालिनी की जीत का जश्न मनाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा राया रोड स्थित हनुमान मंदिर पर आयोजित दाल बाटी कार्यक्रम में दो कार्यकर्ताओं मनोज ठाकुर और विपिन सविता के बीच जमकर कहासुनी हुई। कहासुनी विवाद में बदल गई और दोनों के बीच जमकर लात घूंसे भी चले। इसके चलते दोनों ही कार्यकर्ता रक्तरंजित भी हुए। हालांकि पार्टी पदाधिकारी अब उक्त दोनों को पार्टी कार्यकर्ता मानने से इंकार कर रहे हैं। जबकि इनमें से एक मनोज ठाकुर हिंदू युवा वाहिनी भारत का जिला मंत्री है और दूसरा भाजयुमो के मांट मंडल कार्यकारिणी का उपाध्यक्ष है। वहीं दूसरी और सोशल मीडिया पर छिड़ा युद्ध हेमामालिनी की जीत का श्रेय लेने के लिए छिड़ा हुआ है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और भाजपा सांसद हेमामालिनी गुट में माने जाने वाले राजेश चौधरी ने जब मांट विधानसभा से हेमामालिनी को मिली जीत का श्रेय स्वयं लेने का प्रयास किया तो बाजना के मंडल अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी उर्फ छोटू चौधरी ने फेसबुक पर राजेश चौधरी पर कटाक्ष करते हुए कई पोस्ट डाली। इससे राजेश चौधरी के समर्थक भड़क उठे और उन्होंने भी फेसबुक वार छेड़ दिया। इसमें एक कमेंट में एक समर्थक ने लिखा है कि भाजपा जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार से अपने साथियों सहित मिलने पहुंचे मंडल अध्यक्ष की करीब डेढ़ घंटा इंतजार करने के बाद भी उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इससे उनकी नेतागिरी जाहिर होती है। इसी तरह के कई अन्य कटाक्ष भी सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ शुरु हुआ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच का तनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। देखना होगा कि भविष्य में यह तनाव कम होता है अथवा नहीं।