महंगे कान्वेंट स्कूलों में पढ़ते दिखेंगे दुर्बल आय वर्ग के बच्चे

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मथुरा। दुर्बल और निम्न आय वर्ग के बच्चे अब अपने सपनों के महंगे कान्वेंट स्कूलों में पढ़ते नजर आएंगे। इनमें शहर के नामी-गिरामी स्कूल हैं। जहां अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रत्येक अभिभावक की भी चाहत होती है। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत इस बार जनपद में लगभग चार सैकड़ा बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में प्रवेश दिलाने की तैयारी है। यदि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चयनित सभी बच्चों का प्रवेश स्कूलों में हो जाता है तो यह बीते कई वर्षां में रिकार्ड संख्या होगी। विभाग द्वारा चयनित बच्चों के घर और संबंधित विद्यालय में पत्र भेज दिए हैं। ताकि वह समय से स्कूलों में प्रवेश ले लें।


राइट टू एजुकेशन के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा मुहैया कराने का प्रावधान है। इसके तहत चयनित बच्चों को उनकी आयु के अनुसार प्री-प्राईमरी और कक्षा 1 में प्रवेश दिलाया जाता है। शासन द्वारा स्कूलों को प्रति माह प्रति बच्चा 400 रुपए ट्यूशन फीस दी जाती है। साथ ही बच्चे की ड्रेस और किताब-कॉपियों के लिए अभिभावकों के खाते में पैसा भेजा जाता है। आरटीई के तहत जनपद में अभिभावकों से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें ऑनलाइन प्रकिया के तहत कुल 430 आवेदन आए थे। इसमें से लॉटरी के माध्यम से 353 बच्चों का चयन किया गया। जबकि 77 बच्चों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। वहीं ऑफलाइन प्रकिया के अंतर्गत कुल 74 आवेदन आए थे। इसमें से 3 आवेदन निरस्त हुए जबकि 71 बच्चों को निशुल्क शिक्षा के लिए चयनित किया गया। इस तरह शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए कुल 424 बच्चों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने चयनित बच्चों की सूची को कार्यालय में चस्पा कर दिया है।

यहां अभिभावक चयनित बच्चों की सूची देख सकते हैं। साथ ही विभाग द्वारा चयनित बच्चों के घरों पर पत्र भी भेजे गए हैं। साथ ही स्कूलों को चयनित बच्चों की सूची भेजी गई है। ताकि विद्यालयों को चयनित बच्चां का प्रवेश लेने में परेशानी का सामना न करना पड़े। चयनित स्कूलों में रतनलाल फूलकटोरी देवी स्कूल, देहली पब्लिक स्कूल, रमनलाल शोरावाला स्कूल, अमरनाथ स्कूल, ज्ञानदीप शिक्षा भारती सहित अन्य कई नामी गिरामी स्कूल शामिल हैं। बीएसए चंद्रशेखर ने विषबाण को वार्ता के दौरान बताया कि स्कूलों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह चयनित बच्चों का अपने यहां प्रवेश लेने में कोई कोताही न बरतें। अन्यथा की स्थिति में मान्यता प्रत्याहरण सहित अन्य विभागीय कार्यवाही का सामना करने के लिए तैयार रहें।

गोलमाल की आशंका
आरटीई के तहत बच्चों का चयन करने में विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा गोलमाल करने की खबरें सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि सूची में निर्बल आय वर्ग के साथ ही ऐसे परिवारों के बच्चों का भी चयन किया गया है जो परिवार कान्वेंट स्कूलों में अपने बच्चों की महंगी फीस भरने में समर्थ हैं। सूत्रों की मानें तो उनके फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए हैं। इनमें कूटरचित आय प्रमाण पत्र भी शामिल है। विभाग द्वारा कार्यालय पर चस्पा की गई चयनित बच्चों की सूची में सिर्फ बच्चों के ही नाम हैं। उसमें पिता का नाम शामिल नहीं है। इससे भी सूची पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि अभिभावक कैसे जानेगा कि उक्त नाम उसके ही बच्चे का है अर्थात् किसी और बच्चे का। बीएसए चंद्रशेखर ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सूची में बच्चे के नाम के आगे उसका पंजीकरण नंबर लिखा हुआ है। इससे पता लग जाएगा कि चयनित बच्चा कौन सा है। आय प्रमाण पत्रों की जांच के सवाल पर वह गोलमोल जवाब देते नजर आए। पहले बोले कि आय प्रमाण पत्रों की क्या जांच होगी। फिर बोले कि अभी आय प्रमाण पत्रों की जांच नहीं हुई है। बाद में करा ली जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि जब बच्चे का प्रवेश हो जाएगा तो बाद में जांच कराने से क्या लाभ तो वह जवाब नहीं दे सके।