नारायण साईं को मिली सजा, आजीवन कैद और 1 लाख दंड

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नई दिल्ली। कथित संत आसाराम के पुत्र नारायण साईं को रेप केस में दोषी करार दिए जाने के बाद मंगलवार को आजीवन कैद और 1 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही नारायण साईं का सहयोग करने वाली साधिका गंगा जमना को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। इन आरोपियों को 27 अपै्रल को दोषी करार दिया गया था। बचाव पक्ष ने मात्र 4 साल की सजा की गुजारिश की थी।


सूरत की रहने वाली दो बहनों की ओर से नारायण साईं पर बलात्कार के आरोप लगाए गए थे। इसमें पुलिस ने पीड़ित बहनों के बयान और लोकेशन से मिले सबूतां के आधार पर नारायण साईं और आसाराम के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह केस करीब 11 साल पुराना है। पीड़िता छोटी बहन ने अपने बयान में नारायण साईं के खिलाफ ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की थी। जबकि बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने 27 अपै्रल को नारायण साईं को दोषी करार दे दिया था। जबकि आसाराम के खिलाफ गांधीनगर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट अब तक 53 गवाहां के बयान दर्ज कर चुकी है। इसमें कई अहम गवाह भी हैं। जिन्होंने नारायण साईं को लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाते हुए देखा था अथवा इस कृत्य में आरोपियों की मदद की थी लेकिन बाद में वो गवाह बन गए थे। नारायण साईं पर पुलिस कर्मी को 13 करोड़ रुपए रिश्वत देने का भी आरोप लगा था लेकिन इस मामले में नारायण साईं को जमानत मिल चुकी है। जबकि रेप के मामले में मंगलवार को सूरत सेशन कोर्ट ने नारायण साईं को सजा सुनाई।