आखिर नकल माफिया पर क्यों मेहरबान है प्रशासन!

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मथुरा। डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में जनपद में हो रही खुलेआम नकल और इसकी एवज में परीक्षार्थियों से हो रही सुविधा शुल्क की वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद जनपद के कालेज संचालकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासनिक अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कालेज संचालक पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। राया क्षेत्र के सौंख खेडा स्थित एक महाविद्यालय में परीक्षा दे रहे छात्रों ने कालेज प्रबंधन पर दो-दो हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया है।


कस्बा नौहझील के श्रीमोहर सिंह महाविद्यालय नानकपुर में आगरा विवि की परीक्षाएं संचालित की जा रही हैं। यहां परीक्षार्थियों से नकल कराने के लिए खुलेआम 2000 रुपए मांगने का वीडियो वायरल हुआ था। न देने पर अलग कमरे में बिठाकर परीक्षा दिलाने और फेल कराने की धमकी दी जा रही है। साथ ही कुछ छात्रों द्वारा मारपीट करने का भी आरोप कालेज में मौजूद लठैतों पर लगाया है। पं. लोकमणि शर्मा महाविद्यालय के प्रबंधक योगेश शर्मा सहित छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। एडीएम प्रशासन को मिली शिकायत के बाद उनके निर्देश पर एसडीएम मांट कालेज पहुंचे थे और उन्होंने परीक्षार्थियों से वार्ता कर मामले की हकीकत जानने का प्रयास किया। बताते हैं कि परीक्षार्थियों ने एसडीएम मांट के समक्ष वसूली की बात स्वीकार की है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भी कोई कार्यवाही नहीं की है। जबकि एडीएम प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर कठोर कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा था। इससे अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय प्रबंधन की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल श्रीमोहर सिंह महाविद्यालय में नकल के लिए सुविधा शुल्क मांगे जाने का मामला थमा नहीं है वहीं दूसरा मामला भी सामने आ गया है। राया क्षेत्र के सौंख खेडा स्थित एक महाविद्यालय में परीक्षा दे रहे छात्रों ने कालेज प्रबंधन पर दो-दो हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि न देने की स्थिति में धमकाया जा रहा है। ऐसे में वह परीक्षा देने में भय महसूस कर रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि उन्हें फेल करा दिया जाए जिससे उनका एक वर्ष खराब हो जाए। साथ ही मारपीट करने की भी धमकी दी जा रही है।

इस मामले में डीएम सर्वज्ञराम मिश्र का कहना है मामले की जांच के लिए एसडीएम मांट को निर्देशित किया गया था। अभी उनसे जांच आख्या प्राप्त नहीं हुई है। कहा कि आसपास अन्य महाविद्यालय भी स्थापित हैं तो इस तरह आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन से भी जनपद में सचल दलों से सघन निरीक्षण कराने का अनुरोध किया है। साथ ही कालेज प्रबंधन से भी कहा गया है कि यदि उन्हें नकल विहीन परीक्षा संचालित कराने के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट चाहिए तो वह डीएम ऑफिस में आवेदन देकर इसकी मांग कर सकते हैं। एसडीएम मांट श्याम अवध चौहान ने विषबाण को बताया कि अभी जांच चल रही है। कहा कि वीडियो देख ली गई है लेकिन फिलहाल उन्होंने इससे अधिक कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। विवि के कुलपति से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं लग सका। देखना होगा कि परीक्षार्थियों से खुलेआम वसूली कर रहे शिक्षक के रुप में लाठी-डंडो से लैस लठैतों से परीक्षार्थियों को राहत मिल पाती है अथवा जनपद के डिग्री कालेजों में दबंग यूं ही धड़ल्ले से सुविधा शुल्क की मांग करते रहेंगे।