मथुरा में 60.48 फीसदी मतदान, कम वोट प्रतिशत से नेताओं की पेशानी पर बल

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मथुरा। लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण के तहत मथुरा लोकसभा सीट पर भी 18 अपै्रल गुरुवार को मतदान हुआ। इससे पहले 16 अपै्रल को मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार थम गया था। प्रचार थमने के बाद सभी ने अंदरुनी रणनीति और बूथ प्रबंधन को अंजाम देने पर मंथन आरंभ कर दिया था। गुरुवार को देरसायं 6 बजे तक मतदान हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के तहत मथुरा में कुल अनुमानित मतदान 60.48 प्रतिशत है। जबकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मथुरा में 64 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार कम वोट प्रतिशत भाजपा के प्रत्याशी सहित नेताओं के माथे पर पसीना ला रहा है क्योंकि माना जाता है कि जब भी मतदान कम होता है तो यह अन्य पार्टियों के हित में होता हैं और वोट प्रतिशत बढ़ता है तो यह भाजपा के लिए फायदा पहुंचाता है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो वोट प्रतिशत के घटने-बढ़ने की अभी संभावनाएं हैं।
मतदान से एक दिन पूर्व 17 अपै्रल को देरशाम बरसात के चलते मौसम के सुहावने होने के बाद भी 18 अपै्रल गुरुवार को मतदान प्रतिशत बढ़ नहीं सका। जबकि बरसात के कारण खेतों में पानी भर गया था और इसके चलते मजदूर खेतों पर काम नहीं कर रहे थे वरन् छुट्टी पर थे। साथ ही किसान भी अपने खेतों में नहीं था। इसके बाद भी मतदान प्रतिशत कम होना काफी अखर रहा है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तो काफी प्रचार प्रसार हुआ ही साथ ही सामाजिक संस्थाओं ने भी वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए लोगों को जागरुक करने का काफी प्रयास किया लेकिन मतदान प्रतिशत देखकर लगता है कि यह प्रयास नाकाफी ही साबित हुए।

पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले थे 53 प्रतिशत वोट
गत लोकसभा चुनाव 2014 में मथुरा लोकसभा सीट पर कुल 64 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें से 53 फीसदी वोट अकेले भाजपा की प्रत्याशी हेमामालिनी को मिले थे और हेमामालिनी ने रालोद के प्रत्याशी जयंत चौधरी को करीब 3.30 लाख वोटों से हराकर चुनाव जीता था और संसद में मथुरा की जनता का प्रतिनिधित्व करने का मौका हासिल किया था। जबकि अन्य पार्टियों के प्रत्याशी तो कहीं लड़ाई में ही नहीं थे। हेमामालिनी ने जितने वोटों से जीत हासिल की थी उतने वोट तो सपा और बसपा के प्रत्याशियों को कुल मिलाकर नहीं मिले थे। वर्ष 2014 में मथुरा में कुल लगभग 2000 वोट नोटा पर डाले थे।

शहर से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान
इस बार जनपद का कुल अनुमानित मतदान प्रतिशत 60.20 प्रतिशत बताया जा रहा है। मथुरा में कुल 5 विधानसभाएं हैं। इनमें विधानसभा वार अनुमानित वोट प्रतिशत देखा जाए तो मथुरा विधानसभा में 55.76 प्रतिशत, छाता में 62.14 प्रतिशत, बलदेव में 64 प्रतिशत, मांट विधानसभा में 59.17 और गोवर्धन विधानसभा में 62.55 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस लिहाज से मथुरा विधानसभा में कम वोट पड़ा है और बलदेव क्षेत्र में सबसे अधिक वोट प्रतिशत रहा। जबकि शहर में रहने वाली जनता को अधिक समझदार और जागरुक माना जाता है लेकिन हर बार ग्रामीण क्षेत्र में वोट प्रतिशत बाजी मार ले जाता है और शहरी मतदाताओं को सीख देता है कि वह देश के महापर्व को लेकर उनसे अधिक जागरुक हैं।

बरसात से बूथों पर भर गया पानी
मतदान से एक दिन पूर्व 17 अपै्रल की देरशाम अचानक बरसात आ गई। पूरे जनपद में आई बारिश से जनपद के कई बूथों में पानी भर गया तो कई बूथ की छतें टपकने लगीं। ऐसे में मतदान कर्मियों के समक्ष ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को पानी से बचाने की समस्या खड़ी हो गई तो उन्हें बरसात में स्वयं के भीगने से बचने के लिए भी काफी प्रयास करने पड़े। इनमें नगर पालिका इंटर कालेज कोसीकलां, जानकी बाई गर्ल्स इंटर कालेज मथुरा सहित काफी बूथ ऐसे रहे जहां पानी भर गया था। गर्मी के मौसम में अचानक आई बरसात से मौसम में रात्रि में काफी ठंडक हो गई। इससे रात में सोने के दौरान भी मतदान कर्मी काफी परेशान रहे।

सड़क निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार
मांट विधानसभा में गांव मरहला भूरेका के प्राईमरी विद्यालय के बूथ नंबर 168 पर ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार करने का कारण क्षेत्र की जर्जर सड़क का काफी समय से निर्माण न होना था। ग्रामीणों का कहना था कि क्षतिग्रस्त सड़क के लिए समय समय पर जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया लेकिन किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगी। यही कारण है कि सभी ग्रामीणों ने एकमत होकर मतदान हिष्कार का निर्णय लिया। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई। उन्होंने ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक मांट पं. श्यामसुंदर शर्मा गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को लोकसभा चुनाव के बाद उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण माने और बूथ पर करीब 3 बजे पहला वोट डाला गया। बूथ पर करीब 280 वोटर्स थे और मतदान समाप्ति तक करीब डेढ़ सैकड़ा वोट डाले जा सके थे।