नेताओं पर भारी पड़ी ड्रीम गर्ल, मथुरा को दिया सबसे ज्यादा समय

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दिलीप यादव

मथुरा। सांसद हेमा मालिनी के सामने हालिया लोक सभा चुनाव में आम नेताओं की तरह नजदीकी प्रदर्शित करना समस्या बन रहा है लेकिन इसके लिए हेमा मालिनी ही नहीं जनता भी कम जिम्मेवार नहीं है। ग्लेमसर हेमा से मिलने वालों में सालों तक काम कम उनके साथ सेल्फी खिंचाने वालों की संख्या ज्यादा रही। हेमा ने कई दफा खुद भी मीडिया कर्मियों के साथ यह बात साझा की कि लोग काम धाम की तरफ कम उनके साथ फोटो खिंचाने में ज्यादा रुचि लेते हैं। वह मथुरा लोकसभा सीट से दोबारा चुनाव मैदान में हैं। उन्हें ग्लेमरस जीवन से जन प्रतिनिधि बनने के बाद की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इसके बाद भी वह सांसद जयंत चौधरी से कई गुना ज्यादा समय मथुरा में रही हैं। जनपद के लिए काम मांगने में उन्होंने कई दफा विगत सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी सीधे बात की। लोकल नेताओं की तर्ज पर उन्होंने अपने किसी करीबी के लिए भी थाने चौकी पर फोन नहीं किया। मसलन गांवों में भाईचारे बिगाड़ने में उन्होंने लोकल नेताओं की तर्ज पर काम नहीं किया।


हेमा मालिनी जिस ग्लेमरस सांसार से यहां आई हैं उसमें और आम जन जीवन में बहुत फर्क है। इस बात को उन्होंने गुजरे कार्यकाल में ग्रामीण अंचल में घूमकर समझा है। एक जन प्र्रतिनिधि के तौर पर स्थापित होने में उनका ग्लेमरस जीवन ही आढ़े आ रहा है। वह लोगों के साथ आत्मीय होना चाहती हैं लेकिन प्रमथतः महिला एवं फिल्मी सितारा रहने का लेबल इसमें बाधक बन रहा है। वह महिलाओं के अनेक कार्यक्रमों में यहां शिरकत करती रही हैं। पूरे पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने सभी को बराबरी की नजर से ही देखा।


लोकल लैंग्वेज और समस्याओं के मामले में उनके सलाहकारों की कमी को इंगित करना जरूरी है कि वह उन्हें इनसे ठीक से रूबरू नहीं करा पाए। यूंतो किसी भी सांसद का काम लोकसभा में कानून बनाना होता है लेकिन स्थानीय मुद्दे भी कम महत्वपूर्ण नहीं होते। इन्हें सरकार की नजर में लाना भी सांसद का दायित्व होता है। मथुरा अन्तर्राष्ट्रीय केन्द्र है इस लिहाज से भी यहां के सांसद का दायित्व बहुत बढ़ जाता है। ब्रज के विकास के लिए उनकी सोच बनी रहती है लेकिन करीबी तीमारदारों की जितनी समझ रही वह उससे ज्यादा इतर नहीं सोच पाईं। लोगों ने उनसे स्थानीय दूर दर्शन केन्द्र के न्यूज फीडिंग जैसे अनेक मुद्दों पर सहयोग चाहा तो उन्होंने तत्काल अपनी सक्रियता दिखाई। हेमा को खास से और ज्यादा आम होना पडे़गा तभी वह सच्चे अर्थां में ब्रज की सेवा कर पाएंगी और एक अच्छी जन प्रतिनिधि भी बन पाएंगीं।