जीएलए विवि पर चला उपभोक्ता फोरम का डंडा, वापस करनी होगी पूरी फीस

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मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय को एक छात्र की पूरी फीस वापस करने के आदेश जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा दिए गए हैं। याची छात्र ने जिला उपभोक्ता फोरम में जीएलए विवि की मनमानी के खिलाफ याचिका दायर की थी। दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने यह आदेश दिए हैं।


थाना हाइवे अंतर्गत राधिका सिटी कालोनी निवासी याची ईशान शर्मा के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2013-14 बीकॉम आनर्स प्रथम वर्ष में जीएलए विवि में प्रवेश लिया था। उस समय उसने 39,500 रुपए फीस जमा की थी। घरेलू परेशानियों को देखते हुए उसने अपना नाम विवि से वापस ले लिया और किसी अन्यत्र विवि में दाखिला ले लिया। इसके बाद ईशान शर्मा ने यूजीसी और एचआरडी के नियमानुसार जीएलए विवि में अपनी फीस वापस लेने के लिए आवेदन किया। जीएलए विवि ने पूरी फीस वापस न कर मात्र 6000 रुपए ही वापस किए। याची द्वारा जानकारी मांगी गई कि मात्र 6000 रुपए ही किस आधार पर वापस किए गए हैं लेकिन विवि की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी सूचना मांगी गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नोटिस भी दिया गया लेकिन नोटिस का भी कोई जवाब नहीं मिला। इससे परेशान होकर याची ईशान शर्मा जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।

उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याची ईशान शर्मा के पक्ष में निर्णय देते हुए जीएलए विवि को याची द्वारा जमा की गई फीस 39500 रुपए 30 दिन के अंदर वापस करने के आदेश दिए हैं। साथ विवि को वाद व्यय के रुप में 4000 रुपए याची ईशान शर्मा को देने होंगे। इस आदेश से विवि प्रशासन में खलबली मच गई है। जीएलए विवि पहले भी विवादों में घिरा रहा है। विवि पर छात्र हितों के आरोप लगते रहे हैं लेकिन जिला प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों में ऊंची पहुंच के चलते कभी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। हाल ही में दो विद्यार्थियों की सुसाइड के मामले में भी जीएलए विवि पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।