जवाहर बाग कांडः दो प्रमुख आरोपियों को मिली जमानत, रिहा

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मथुरा। जिले के चर्चित जवाहरबाग कांड में दो प्रमुख आरोपी इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हो गए। 2 जून 2016 को जवाहर बाग को खाली कराने के दौरान पुलिस ने प्रमुख आरोपियों को पकड़ कर जेल भेज दिया था। रिहा आरोपियों पर जवाहर बाग कांड में मारे गए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ फरह संतोष यादव की हत्या करने का आरोप था।
मथुरा शहर के बीचों बीच पाॅश इलाके सिविल लाइंस स्थित करोड़ों की कीमत के जवाहर बाग पर रामवृक्ष यादव नाम के व्यक्ति ने अपने संगठन स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह के बैनर तले अपने समर्थकों के साथ कब्जा कर लिया था। 2 जून 2016 को इसे खाली कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने जब प्रयास किए तो जवाहर बाग में मौजूद सैकड़ों कब्जाधारियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इसमें एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव की निर्मम हत्या कर दी गई थी। जवाहर बाग खाली कराने के लिए दौरान पुलिस ने सैकड़ों आरोपियों को पकड़ कर जेल भिजवा दिया था। पुलिस अधिकारियों की हत्या के मामले में दो प्रमुख आरोपी पूनम बोस पत्नी चंदन बोस निवासी लुधियाना और राकेश बाबू गुप्ता पुत्र हरिराम गुप्ता निवासी गढ़या शाहपुर थाना हजरतगंज बदायूं को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इनमें राकेशबाबू गुप्ता को संगठन का प्रमुख फाइनेंसर माना गया था। वहीं पूनम बोस जवाहर बाग में मौजूद कब्जाधारियों में शामिल महिलाओं की विंग कमांडर थी। इनकी जमानत मथुरा न्यायालय में खारिज कर दी गई थी। इसके बाद जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की गई। यहां से गत दिवस दोनों को जमानत दे दी गई। आरोपियों के अधिवक्ता एलके गौतम ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों को जेल से रिहा कर दिया गया है। पूनम बोस का पति चंदन बोस अभी जेल में है। राकेश बाबू गुप्ता अपने अन्य साथियों को जेल से छुड़ाने के लिए पैरवी कर रहा है।