टिकट की दौड़ से बाहर हुए श्रीकांत शर्मा!

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मथुरा। भारतीय जनता पार्टी से मथुरा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए दिग्गज ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेकिन सिने तारिका हेमामालिनी का ग्लैमर और उनकी हाईकमान तक सीधी पहुंच सभी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। भाजपा के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो टिकट की दौड़ में हेमामालिनी को अब तक टक्कर देते रहे प्रदेश के कद्दावर नेता और मथुरा-वृंदावन विधानसभा से विधायक श्रीकांत शर्मा का नाम दौड़ से बाहर हो गया है।
योगीराज श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा भाजपा के लिए आरंभ से ही महत्वपूर्ण सीट रही है। यही कारण है कि भाजपा ने शुरु से ही मथुरा सीट पर को जीतने के लिए हरसंभव प्रयास भी किए हैं। जिताऊ उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे गए हैं। कई बार जब स्थानीय नेता चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं दिखे तो बाहरी नेता भी यहां लाए गए ताकि किसी भी तरह भाजपा मथुरा लोकसभा सीट को जीत सके। यही कारण रहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मथुरा सीट जीतने के लिए भाजपा ने ड्रीमगर्ल हेमामालिनी को उतारा। उनका जादू मतदाताओं के सिर पर ऐसा चढ़कर बोला कि उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी रालोद युवराज जयंत चैधरी को तीन लाख से अधिक वोटों से हराया। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए स्थानीय नेताओं ने दावेदारी ठोक दी। इनमें प्रदेश की योगी सरकार में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी शामिल हो गए। उन्होंने सबसे पहले धीरे-धीरे मथुरा की स्थानीय इकाई में अपने मोहरे फिट करने शुरु किए। इसमें जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, मेयर से लेकर अधिकांश पदों पर उनके ही चहेते नेता पदाधिकारी बने हुए हैं। बताते हैं कि श्रीकांत शर्मा ने टिकट पाने के लिए काफी समय पूर्व ही प्रयास करना शुरु कर दिए थे। हाईकमान से लगातार संपर्क बनाए हुए थे। सूत्रों की मानें तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने श्रीकांत शर्मा को हरी झंडी दे दी थी। इशारा मिलते ही श्रीकांत शर्मा ने जनपद में जगह-जगह होर्डिंग, बैनर, फ्लैक्स आदि लगवाते हुए अपना जोरदार प्रचार प्रसार भी कर दिया था। स्थानीय नेताओं और मतदाताओं की नजर में टिकट की दौड़ में श्रीकांत शर्मा सिटिंग सांसद हेमामालिनी पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे थे। बताते हैं कि हेमामालिनी ने भाजपा हाईकमान के सामने स्पष्ट कह दिया है कि वह चुनाव लड़ेंगी तो सिर्फ मथुरा से ही लड़ेंगी अन्यथा चुनाव ही नहीं लडें़गी। वहीं दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे में श्रीकांत शर्मा पर तीन बार के सांसद चैधरी तेजवीर सिंह ही भारी पड़ रहे थे। जबकि सबसे टाॅप पर हेमामालिनी को ही दिखाया गया। अब भाजपा नेताओं के उच्चस्तरीय सूत्रों की मानें तो हेमामालिनी की जिद और ग्लैमर के आगे श्रीकांत शर्मा टिकट की दौड़ से बाहर हो गए हैं। भाजपा स्टार प्रचारक के रुप में हेमामालिनी का समूचे देश में प्रयोग करेगी। अतः भाजपा हाईकमान किसी भी तरह से हेमामालिनी को नाराज नहीं करना चाहती है। हालांकि अभी भी हेमामालिनी के साथ-साथ चैधरी तेजवीर सिंह, चैधरी लक्ष्मीनारायण का नाम भी दावेदारी में शामिल है।