पार्षदों ने खोला मेयर-अफसरों के खिलाफ मोर्चा, दिया सामूहिक इस्तीफा

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मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम की राजनीति में सोमवार को उस समय खलबली मच गई। जब नगर निगम के 50 पार्षदों ने कलेक्टेट पहुंचकर जिलाधिकारी को सामूहिक इस्तीफा सौंपा। पार्षदों का आरोप है कि महापौर और अधिकारियों की कार्यशैली विगत काफी समय से चर्चा का विषय रही है।
कलेक्ट्रेट पर पहुंचे पार्षदों ने बताया कि नगर निगम के हर पटल पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। नगर निगम के क्षेत्र में बार-बार कहने के बाद भी विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। प्रकाश व्यवस्था और सफाई व्यवस्था बिलकुल ठप हो चुकी है। जब भी महापौर अथवा निगम अधिकारियों के पास जनहित की समस्याओं का समाधान करने के लिए जाते हैं सिर्फ आश्वासन के अलावा कोई कार्यवाही नहीं होती है। इस बारे में पार्षद महापौर और अधिकारियों को भी विगत एक वर्ष से अवगत कराते आ रहे हैं लेकिन फिर भी मेयर और अधिकारियों द्वारा तानाशाह रवैया अपनाते हुए समस्याओं के समाधान में
कोई रुचि नहीं ली जा रही है। इसके विरोध में ही नगर निगम के करीब 50 पार्षद सामूहिक त्यागपत्र दे रहे हैं। इसके बाद कलेक्टेªट पहुंचे सभी पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाधिकारी ने पार्षदों की समस्या का समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया। सामूहिक इस्तीफा देने वाले पार्षदों में रवि यादव, पुनीत शैली बघेल, देवेंद्री देवी, ठाकुर लीलाधर सिंह, तिलकवीर सिंह, अंशुल यादव, रजनी, कुसुमलता, रश्मि शर्मा, प्रदीप अरोड़ा, नेमलता निषाद, रितेश पाठक, मुन्ना, सूरज, दीपशिखा, जय शर्मा, कविता शर्मा, विष्णु सिंह, श्याम सिंह, मीरा मित्तल, सोनू गौड़, माला माहौर, श्यामवती पचैरी, शाहिदा सहित अन्य शामिल हैं।