नकल माफियाओं ने ढूंढा नया ठिकाना, विश्वविद्यालय परीक्षाओं में ले रहे नकल के ठेके

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मथुरा। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में भले ही योगी सरकार ने नकल माफियाओं पर लगाम कस ली हो। लेकिन अब नकल माफियाओं ने डिग्री कालेज की विश्वविद्यालय परीक्षाओं में अपना नया ठिकाना ढूंढ लिया है। प्रशासन विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में हो रही खुलेआम नकल को रोकने में असफल साबित हो रहा है। हालत यह है कि नकल माफिया नकल कराने के साथ साथ उत्तर पुस्तिकाओं को बदलने का भी ठेका ले रहे हैं। सचल दस्ते जिले में हो रही नकल को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
मथुरा शुरु से ही नकल मंडी के रुप में विख्यात रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफियाओं की पकड़ के चलते मथुरा जिला नकल के लिए बदनाम जिलों की टाॅप सूची में शामिल था। लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने में प्रशासन काफी हद तक सफल रहा है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी और वायस रिकार्डर लगाने के निर्णय परीक्षा में नकल रोकने में काफी हद तक प्रभावी रहा। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में नकल कराने से होने वाली कमाई पर रोक लगने से नकल माफियाओं की कमर टूटी तो उन्होंने विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक की परीक्षाओं में नकल कराने का ठेका लेना आरंभ कर दिया है। मथुरा में आधा सैकड़ा से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां हजारों की संख्या में परीक्षार्थी दे रहे हैं। इनमें से देहात क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों से सुविधा शुल्क लेकर नकल कराई जा रही है। नकल कराने का खुला रेट 2000 रुपए प्रति छात्र चल रहा है। यदि कोई परीक्षार्थी प्रति पेपर सुविधा शुल्क देना चाहता है तो उससे 500 रुपए प्रति पेपर नकल कराने के लिए सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। इसके साथ ही जनपद के कई परीक्षा केंद्र तो ऐसे भी हैं जहां मोटी धनराशि के बदले में उत्तर पुस्तिकाएं बदले जाने का भी खेल चल रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए सचल दस्ते नकल रोकने में असफल साबित हो रहे हैं। हालांकि 2-3 दिन पहले सचल दस्ते ने मथुरा के कंजौली घाट स्थित एक डिग्री कालेज और आरबीएसएस डिग्री कालेज में सामूहिक नकल पकड़ी थी। इसके बाद भी नकल माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं। बताया जाता है कि नौहझील रोड स्थित एक महाविद्यालय में लगभग 3000 परीक्षार्थियों का केंद्र है। यहां भी परीक्षार्थियों से 2000-2000 रुपए की वसूली की जा रही है। सुविधा शुल्क न देने वाले विद्यार्थियों को अलग कमरे में बिठाया जा रहा है। जिससे उनका पेपर बिगड़ जाए और परीक्षार्थी घबराकर अगले पेपर में सुविधा शुल्क लाकर दे दे। चर्चा है कि इस कालेज में काॅपी बदलने का भी ठेका लिया जा रहा है। कमोबेश यही हाल देहात के लगभग सभी परीक्षा केंद्रों का है।