10 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार

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छाता. तहसील छाता के रान्हेंरा मौजा पर तैनात लेखपाल गोविन्द सारस्वत का भ्रष्टाचार निवारण संगठन आगरा ईकाई ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निवारण ईकाई की यकायक हुई कार्यबाही से तहसील मे हडकंम्प मच गया है।  भ्रष्टाचार निवारण टीम के प्रभारी राजीव यादव ने बताया कि उन्हें 13 फरवरी को शिकायत कर्ता मनोज भाटी पुत्र टेकचंद निवासी गांव बैरंगपुर गुरूग्राम हरियाणा से उक्त लेखपाल द्वारा ब्लैंकमैलिंग कर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर उनकी टीम ने 12 फरवरी को मामले की गोपनीय छानबीन की थी। गुरूवार की दोपहर करीब डेढ बजे शिकायत कर्ता से टैलीफोनिक वार्ता करने के उपरांत उनकी 11 सदस्यीय टीम ने आरोपी लेखपाल द्वारा बताये गये पते होटल आरपीएल के पीछे स्थित उसके आवास पर पहुचनें के बाद कैमिकल लगे 4 दो-दो हजार और 4 पांच-पांच सौ के नोट अर्थात 10 हजार की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी लेखपाल के खिलाफ थाना कोतवाली मे मुकदमा दर्ज कराकर कार्यबाही आरम्भ कर दी है। भ्रष्टाचार निवारण टीम मे जिलाधिकारी के प्रतिनिधी प्रवेन्द्र कुमार, राधाबल्लभ, प्रेमकुमार, इसरार अहमद, सुनील कुमार, बहादुर सिंह, संध्या निगम अनीता और राघवेन्द्र यादव मौजूद थे।बाक्सलेखपाल ने जमीन को पशुचारा मे परिवर्तित करने की दी थी धमकीछाता। पीडित मनोज भाटी ने बताया कि उसने तहसील के गांव रान्हेंरा मे पांच एकड जमीन क्रय की थी। जिसका मुकदमा अपर जिलाधिकारी मथुरा के यहां विचाराधीन है। उक्त जमीन के संम्बंध मे आरोपी लेखपाल ने 50 हजार रूपयें की रिश्वत मांगी थी और रिश्वत न देने पर उसकी जमीन को पशु चारागाह मे लगाने की धमकी थी। जिसपर पीडित मनोज ने 5 फरवरी को फोन पर हुई सौंेदेबाजी मे 50 हजार की रिश्वत की काल रिकार्डिंग भी भ्रष्टाचार निवारण टीम को सौंपी है। गुरूवार को उसी रिश्वत की पहली किश्त 10 हजार आरोपी को देने के लिये भ्रष्टाचार निवारण टीम के साथ आरोपी लेखपाल के घर आया था। बहीं आरोपी लेखपाल खुद को निर्दोष बताते हुये षडयंत्र के तहत फंसाने की बात कह रहा है।फोटो-1 भ्रष्टाचार निवारण टीम के साथ आरोपी लेखपाल गोविन्द सारस्वत।