सात फेरे के बाद भी पति की न हो सकी दुल्हन

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शाहजहांपुर। आए हैं बाराती, बारात लेकर, जाएंगे दुल्हन को अपने साथ लेकर। बैंड-बाजों की धुन पर बज रहे इस गाने की लाइनें बारातियों के दिमाग से गूंज ही रही थीं कि तभी एक ऐसी खबर आई जिसने सभी के होश उड़ा दिए। दरअसल शादी की सभी रस्म-रिवाज पूरी होने के बाद घर से विदा होने से पूर्व ही दुल्हन की अचानक मौत हो गई। इससे शादी के घर में कोहराम मच गया। घटना शाहजहांपुर के रेती मोहल्ला स्थित नई बस्ती की है।
नई बस्ती निवासी दिनेश कुमार का दीवान जोगराज मोहल्ला में सैलून की दुकान है। उनकी पत्नी सुनीता की करीब दो वर्ष मौत हो गई थी। तब उनकी पुत्री शिवानी पर इसका गहरा असर हुआ था और वह बीमार रहने लगी थी। शिवानी के तीन भाई भी हैं। पिता दिनेश ने शिवानी की शादी नजदीकी रिश्तेदार फतेहगंज पूर्वी निवासी विनीत के साथ तय कर दी थी। विनीत गत रात्रि को बरात लेकर शिवानी के घर पहुंचा। बैंड बजा, बाराती झूम कर नाचे। बारात का स्वागत हुआ। वरमाला हुई। सात फेरे हुए। कन्यादान हुआ। सुबह विदाई के समय शिवानी के पिता ने दूल्हा पक्ष से कहा कि उनके यहां शादी के तुरंत बाद दुल्हन को विदा नहीं किया जाता है। अतः शिवानी को गौने में विदा किया जाएगा। इससे दुल्हा और सभी बाराती अपने घरों की ओर चले गए। अभी लड़की पक्ष और उसके रिश्तेदार आदि मैरिज होम में ही थे कि अचानक शिवानी के दिल में तेज दर्द हुआ। चिकित्सक को बुलाया गया लेकिन शिवानी की दुनिया से ही विदाई हो चुकी थी। जांच के बाद डाक्टर ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। इससे दुल्हन के परिजनों में कोहराम मच गया। पिता दिनेश की हिम्मत ही नहीं हो रही थी कि वह दूल्हा पक्ष को इसकी जानकारी दे। किसी नजदीकी रिश्तेदार ने जब घटना की जानकारी दूल्हा विनीत के परिजनों को दी तो सभी लोग उल्टे पांव ही मैरिज होम की ओर दौड़ पडे़। दुल्हन शिवानी दूल्हे के साथ तो विदा नहीं हो सकी वरन् इस दुनिया से ही विदा हो गई। उसकी अर्थी सजाई गई। शिवानी को उसके पिता दिनेश ने मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद सभी लोगों की आंखे नम थीं।