अफसर मेहरबान तो घोटालेबाज कर्मचारी बने पहलवान

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मथुरा। जनपद के नौहझील के गांव सुरीरकलां में अपने चहेते ठेकेदार को निर्माण कार्यां का ठेका देकर ग्राम पंचायत अधिकारी फंस गए हैं। हालांकि अभी उन पर उच्च अधिकारियों का वरदहस्त है। इसके चलते उन पर कार्यवाही नहीं हो रही है। जबकि खंड विकास अधिकारी उनको सुरीरकलां से हटाकर अन्यत्र भेजने की संस्तुति कर चुके हैं। इसके बाद भी आला अधिकारियों ने भ्रष्ट ग्राम पंचायत सचिव पर कोई कार्यवाही नहीं की है।
‘विषबाण’ ने अपने गत अंक में ‘नियम ताक पर रखकर चहेतों को दिए टेंडर’ नामक शीर्षक से एक खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसमें गांव सुरीरकलां के ग्राम पंचायत अधिकारी की चहेते ठेकेदारों के साथ मिलकर विकास कार्यां के लिए आए लाखों के बजट को बंदरबांट करने की पोल खोली गई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी मोहम्मद जाकिर ने ग्राम पंचायत सचिव पर लगे आरोपों को जांच में सही पाते हुए उन पर कार्यवाही की थी। ग्राम पंचायत अधिकारी शंकरपाल को सुरीरकलां से हटाने की संस्तुति की। उनके स्थान पर ग्राम पंचायत अधिकारी अनु कुमार को चार्ज लेने की संस्तुति भी की। चार जनवरी को कार्यवाही की यह संस्तुति करते हुए पत्रावली अग्रिम कार्यवाही के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के पास भेज दी गई। चार जनवरी के बाद से 24 जनवरी तक इस पत्रावली में दर्ज कार्यवाही की संस्तुति पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जब कार्यवाही का दबाव बनाया गया तो जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी शंकरपाल के खिलाफ एक और जांच बिठा दी है। इसमें जेई बलदेव और एडीओ पंचायत छाता को कमेटी में रखा गया है। इसमें गौर करने वाली बात यह है कि कमेटी में शामिल उक्त दोनों ही अधिकारी खंड विकास अधिकारी से कम रैंक के अधिकारी हैं और खंड विकास अधिकारी अपनी रिपोर्ट में स्वयं शंकरपाल को दोषी मानते हुए कार्यवाही कर चुके हैं।

डीपीआरओ डॉ. प्रीतम सिंह ने खंड विकास अधिकारी की संस्तुति को नकारते हुए कहा कि वह इंजीनियर से निर्माण कार्यां की जांच कराएंगे। जब उनसे पूछा गया कि खंड विकास अधिकारी की संस्तुति कोई मायने रखती है अथवा नहीं तो वह खिसिया गए और बोले कि यह हम आपको नहीं बताएंगे। यह हमारा विभागीय मामला है।

वहीं खंड विकास अधिकारी मो. जाकिर ने बताया कि उनके द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी शंकरपाल पर की गई कार्यवाही की संस्तुति पर डीपीआरओ द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। साथ ही बताया कि सुरीरकलां में निर्माण कार्यां के मानकानुसार न होने की जांच अब मंडलीय तकनीकी समीक्षा प्रकोष्ठ कर रहा है।