सैक्स रैकेट की गिरफ्त में अफसर और नकाबपोश..

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मथुरा। कान्हा की नगरी में एक बार फिर सैक्स रैकेट के माध्यम से ब्लैकमेलिंग करने की चर्चाएं आम हो रही हैं। इस सैक्स रैकेट की गिरफ्त में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ माफिया भी आ चुके हैं। जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस गैंग ने ब्लैकमेल करने का प्रयास किया तो अधिकारियों की जुगलबंदी से गैंग दबाव में आ गया। पुलिस ने गैंग में शामिल लड़की के घर पर दबिशें दी तो दबाव में आई लड़की ने समझौता करने में ही अपनी भलाई समझी। सूत्रों के अनुसार जनपद के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बडे़ उद्योगपति, बिल्डर्स, शिक्षा माफिया, एक वरिष्ठ पत्रकार, मिष्ठान विक्रेता भी इस सैक्स स्कैंडल में फंस कर ब्लैकमेल हो चुके हैं।
विषबाण की टीम को मिली जानकारी के अनुसार जनपद में विगत काफी समय से एक गैंग सक्रिय है जो कि गैंग में शामिल लड़की के माध्यम से पहले तो बड़े व्यापारियों, उद्योगपतियों, रियल स्टेट कारोबारी, बिल्डर्स आदि को अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद उनके अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है। इस हनी ट्रैप में फंसकर अब तक कई लोग लाखों रुपए इस गैंग को दे चुके हैं। विषबाण को सबूतों के अनुसार, इस ब्लैकमेलिंग गैंग में तथाकथित पत्रकार भी शामिल हैं। इस सैक्स रैकेट ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपने चंगुल में फंसा लिया ताकि इनके अश्लील फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर अपने उल्टे-सीधे काम कराए जा सकें और एक बड़ी कमाई की जा सके लेकिन यहीं मामला उल्टा पड़ गया। प्रशासनिक अधिकारी को जब एहसास हुआ कि गैंग उसके फोटो आदि सार्वजनिक कर सकता है तो उसने पुलिस अधिकारियां को भरोसे में लेकर गैंग में शामिल लड़की के घर पर दबिशें दिलवाईं। ताकि लड़की दबाव में आ सके। यह दबिशें लड़की पर एक पीड़ित द्वारा ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाते हुए कराई गई एफआईआर की आड़ में दी गईं। लगातार दबिश होने से लड़की और उसके गैंग में शामिल लोग दबाव में आ गए। इसके बाद एक वरिष्ठ पत्रकार के माध्यम से इस मामले में समझौता कराया गया। बताया जा रहा है कि इस समझौते में मुंह बंद रखने के लिए लड़की को एक मोटी रकम ऑफर की गई। जिसे स्वीकार करने में ही लड़की ने अपनी भलाई समझी।
गैंग में शामिल लोगों पर हो चुकी है एफआईआर
सैक्स रैकेट में फंसाकर कारोबारियों और अधिकारियों से ब्लैकमेलिंग करने वाले गैंग पर पहले थाना हाइवे में एफआईआर हो चुकी है। एफआईआर कराने वाले पीड़ित शिक्षक ने आरोप लगाया था कि लड़की ने उसे अपने झांसे लेकर उसके साथ प्यार की पींगें बढ़ाईं। इसके बाद उससे मामला रफा-दफा करने के लिए लाखों रुपए मांगे। इसके बाद यह मामला जनपद के पत्रकार संगठन के पदाधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार के पास पहुंचा लेकिन मामला बिगड़ गया और चर्चा में आ गया। गैंग पर जब एफआईआर हुई तो लड़की पक्ष ने भी अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कराया। इसमें वरिष्ठ पत्रकार का नाम भी शामिल किया गया।
एफआईआर होने के बाद चर्चाओं में आया गैंग
सैक्स स्कैंडल में फंसे शिक्षक द्वारा जब गैंग में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया तो यह गैंग एकदम सुर्खियों में आ गया। इससे गैंग में शामिल लड़की से संबंध रखने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी सतर्क हो गए। इसके बाद गैंग पर दर्ज एफआईआर की आड़ में लड़की के साथ गैंग में शामिल लोगों के घरों पर दबिशें दी गईं। दबिश के बाद दबाव में आए गैंग के सदस्यों ने मामले में समझौता करने में ही अपनी भलाई समझी। बताया जा रहा है कि समझौता करने के लिए लड़की को मोटी रकम भी दी गई।
अधिकारी दिलाता था लाखों के विज्ञापन
गैंग में शामिल लड़की ने जब प्रशासनिक अधिकारी को अपनी चंगुल में फंसा लिया तो उसके माध्यम से जनपद के बड़े उद्योगपतियों से लाखों रुपए की वसूली विज्ञापन के नाम पर हुई। देखते देखते ही गैंग में शामिल लोग बाइक छोड़कर कारों में घूमने लगे। उनके रंग-ढंग ही बदल गए। बताया जाता है कि इस प्रशासनिक अधिकारी ने उक्त लड़की की मुलाकात कई अन्य अधिकारियों से भी कराई थी।